फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन रूट मार्च में शामिल न होने पर नपे रोजा थाना प्रभारी

Mon, 14 Mar 2016 11:34 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
विज्ञापन
पुलिस
विज्ञापन
होली के मौके पर एसपी द्वारा बीते शनिवार की सुबह सात बजे पुलिस लाइंस में आयोजित दंगा नियंत्रण अभ्यास में रोजा के प्रभारी निरीक्षक रूपेंद्र गौड़ नहीं पहुंचे थे। उससे पहले भी होली से पहले जनता में पुलिस का इकबाल बुलंद रखने को निकाले गए दो रूट मार्च में भी वह शामिल नहीं हुए थे। आदेश मिलने के बाद भी तीनों ही दिन कार्यक्रम में शरीक न होने पर एसपी डॉ. मनोज कुमार ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। ऐसी ही कार्रवाई जलालाबाद के प्रभारी निरीक्षक रहे इंस्पेक्टर यतेंद्र भारद्वाज पर भी हुई है। इंस्पेक्टर भारद्वाज के खिलाफ फरियाद लेकर पहुंचने वाली जनता के साथ दुर्व्यवहार समेत कई अन्य शिकायतें लगातार एसपी के पास पहुंच रही थीं। उसी क्रम में उन्हें भी लाइन हाजिर कर दिया गया। रोजा में अवकाश पर गए एसएसआई ओपी गौतम की छुट्टी रद्द कर तत्काल थाने बुलवाकर प्रभारी निरीक्षक का चार्ज दिया गया। पुवायां में प्रभारी निरीक्षक रहे इंस्पेक्टर राजीव मिश्रा को जलालाबाद के नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है जबकि हाल ही में इंस्पेक्टर पर प्रोन्नत हुए सुनील बिश्नोई को पुवायां थाना प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि शाहजहांपुर की होली अति संवेदनशील है और उसी क्रम में पुलिस लगातार अप्रिय हालात बनने की स्थिति के रोकथाम के लिए संजीदगी से जुटी हुई है। इसी क्रम में जिले में थाना स्तर पर शांति कमेटी की बैठकें भी कराई गई हैं। एसपी डा. मनोज कुमार ने बताया कि दोनों थाना प्रभारी को थोड़े समय के लिए आराम देने के लिए लाइन हाजिर किया गया है और यह कोई सजा नहीं है। होली का त्यौहार संवेदनशील है और उस लिहाज से किसी भी स्तर पर कहीं कोई लापरवाही या सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
विज्ञापन


रोजा से निलंबन के दंश को बचा ले गए रूपेंद्र गौड़
रोजा। रोजा में लगभग दो साल से प्रभारी निरीक्षकों पर चल रहा निलंबन का दंश आखिर टूट ही गया। रूपेंद्र गौड़ निलंबित नहीं हुए बल्कि लाइन हाजिर कर दिए गए। मुकरमपुर दोहरे हत्याकांड में जून 2014 से अब तक लगातार रोजा के पांच प्रभारियों को निलंबन का दंश झेलना पड़ा है। हरीराम त्रिपाठी से शुरू हुए इस सिलसिले में वीरपाल सिंह, अजीत सिंह, रामनरेश चौधरी और विनोद मिश्रा यहां से निलंबित हो चुके हैं। कयास यह लगाये जा रहे थे कि रूपेन्द्र गौड़ का भी यही हश्र होगा क्योंकि बरनई नौगवां  और मानपुर चचरी में हुई डकैती के अलावा कई लूटों का कोई राजफाश नहीं हो पाया था। गौड़ रोजा के प्रभारी पद पर एक माह 27 दिन तक रहे जबकि विनोद मिश्रा का कार्य काल 11 दिन, वीरपाल का दो माह, अजीत सिंह का पांच माह, हरीराम त्रिपाठी का 10 दिन आरएन चौधरी का नौ माह का कार्यकाल ही रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें