शाहजहांपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बांटे जाने वाले गेहूं में मिट्टी मिलाकर आपूर्ति कराने के प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए तीन विपणन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। डीएम ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को पत्र लिखा था। वहीं, शनिवार को शासन से आई टीम ने एफसीआई गोदाम पहुंचकर जांच की। टीम खाद्य आयुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
नौ अक्तूबर को भावलखेड़ा ब्लॉक के गांव दौलतपुर पहुंचे डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के सामने राशन का मिट्टी मिला गेहूं बांटे जाने की शिकायत आई थी। उन्होंने टीम बनाकर मामले की जांच कराई तो बड़ा खेल सामने आया था। डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी थी। उनकी रिपोर्ट के सत्यापन के लिए खाद्य आयुक्त ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। वहीं, शनिवार को प्रथमदृष्टया जांच में दोषी मिले विपणन विभाग के प्रेषण प्रभारी विपणन निरीक्षक रामकृष्ण दुबे, रविकांत मिश्रा और मोहित कुमार को शासन से निलंबित कर दिया गया है।
एफसीआई के प्रबंधक गुणवत्ता नियंत्रण विशाल शर्मा, तकनीकी सहायक-प्रथम पूनम और हरिकांत पर भी जानबूझकर राशन की गुणवत्ता की जांच में अनदेखी किए जाने का आरोप लगा था। उन पर एफसीआई की ओर से कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में एफसीआई की जांच के बाद उन पर कार्रवाई हो सकती है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों विपणन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। शासन के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।