पुवायां (शाहजहांपुर)। नकली देशी शराब बनाने के मामले में पुलिस और आबकारी टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। तीन धंधेबाजों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से तीनों को जेल भेजा गया है। एक आरोपी उन्नाव जिले का निवासी है।
मुखबिर की सूचना पर दो दिन पहले मोहल्ला गढ़ी में दबिश देकर संयुक्त टीम ने रवि प्रजापति को गिरफ्तार किया गया था। रवि से 30 पौवे देशी शराब बरामद की गई। रवि की निशानदेही पर विशंभर की दुकान से 135 पौवे शराब बरामद की गई। उसके बताने पर उन्नाव के थाना माखी के गांव रायपुर गढ़ी निवासी अंकित जायसवाल और शाहजहांपुर के मोहल्ला इंद्रानगर के महेंद्र वर्मा को पकड़ा गया। उनके पास से 58 पौवे देशी शराब और बाइक बरामद की गई।
अधिकारियों के मुताबिक शराब के पौवो पर लगे क्यूआर कोड स्टिकर को यूपी एक्साइज स्केनर एप से स्कैन किया गया तो इनवैलिड केस कोड लिखकर आने लगा। इससे साफ हुआ कि बरामद शराब नकली है और क्यूआर कोड भी नकली लगाया गया है। पौवों के ढक्कन भी नकली पाए गए। आरोपियों की निशानदेही पर एक स्कूल के पास से केन में 15 लीटर अवैध शराब, 65 खाली पौवे, 11 भरे पौवे बरामद हुए। रवि प्रजापति ने बताया कि मोहल्ला गढ़ी निवासी रवि शुक्ला उर्फ मिंटू उर्फ लाल बाबा ने उसे शराब बेचने के लिए प्रतिदिन 180 रुपये की मजदूरी पर रखा है। अंकित और महेंद्र ने नकली शराब बनाना कबूल किया। दोनों ने लाल बाबा को शराब थोक में बेचने की बात भी स्वीकार की है। लाल बाबा पुलिस की पकड़ से बाहर है।
पानी मिलाकर बनाते थे शराब
पुवायां। देशी शराब बरामद होने के बाद अंकित जायसवाल और महेंद्र वर्मा ने बताया कि वे लोग पुवायां के एक निजी स्कूल के पास देशी शराब के पौवो को खोलकर शराब निकाल लेते थे और पानी मिला देते थे। पानी मिलाने के बाद नकली ढक्कन और नकली क्यूआर कोड स्टिकर लगाकर बेच देते थे। संदेह है कि पानी मिलाने के बाद शराब को नशीला बनाने के लिए केमिकल भी मिलाया जाता होगा। आबकारी निरीक्षक जीपी गुप्ता ने बताया कि आरोपियों ने पानी मिलाकर शराब बनाने की बात स्वीकार की है। बरामद शराब को टेस्टिंग के लिए लैब भेजा जाएगा जिससे पता लग सके कि शराब में पानी के अलावा और कोई मिलावट तो नहीं की गई है।
केमिकल मिलाने से हो सकता है खतरा
पुवायां सीएचसी के अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अगर शराब में पानी मिलाया गया है तो यह मानक विहीन हो जाती है। साथ ही पानी कैसा मिलाया गया है, इस पर काफी कुछ निर्भर है। अवैध शराब बनाई जा रही थी तो जाहिर है कि आरओ का पानी तो मिलाया नहीं जाता होगा। गंदा पानी मिलाने से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। अगर शराब का नशा तेज करने को कोई दवा, केमिकल आदि मिलाया जाता है तो शराब जहरीली होकर मानव जीवन के लिए हानिकारक हो सकती है।
तीन अभियुक्तों के पास से नकली शराब, फर्जी क्यूआर कोड बरामद हुए हैं। एक बाइक भी पकड़ी गई है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है। - संजीव कुमार वाजपेयी, एएसपी ग्रामीण, शाहजहांपुर