मिर्जापुर। ढाई घाट में एक माह से भी अधिक समय से चल रहे माघ मेले के मुख्य पर्व पूर्णिमा पर हजारों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ गंगा में डुबकी लगाई। गंगा पुरोहितों को अन्न, वस्त्र, फल, मिष्ठान और नकद मुद्रा दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मुख्य पर्व पर ब्रह्म मुहूर्त में शुरू हुआ, जो अपराह्न दो बजे तक जारी रहा। गंगा स्नान के लिए जिले के अलावा लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बरेली, हरदोई, फर्रुखाबाद, बदायूं, मैनपुरी, एटा, इटावा, सीतापुर आदि जिलों के श्रद्धालु विभिन्न वाहनों से ढाईघाट पहुंचे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, मिनी ट्रकों और चार पहिया वाहनों से ढाईघाट पहुंचे श्रद्धालुओं के वाहनों को पुलिस ने मेले से लगभग एक किलोमीटर पहले ही पार्किंग स्थल पर रोक दिया। इससे हजारों महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को पैदल ही गंगा तट तक जाना पड़ा। वीआईपी वाहनों को मेले में जाने से नहीं रोका गया। इससे मेले में वीआईपी वाहनों से सुबह लगभग आठ से दोपहर 12 बजे तक भयंकर जाम लगा रहा। इस दौरान कई श्रद्धालुओं के कपड़े और रुपये चोरी हो गए। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ गंगा मैया को वस्त्र दान किए। श्रद्धालुओं ने गंगा पुरोहितों से सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण कर दान कर पुण्य कमाया। श्रद्धालुओं ने संतों के पंडालों में चल रहे हवन, यज्ञ, कथा, प्रवचन आदि धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी की। महिला श्रद्धालुओं और बच्चों ने मेले में चाट-पकौड़ी और जलेबी का स्वाद लिया। महिलाओं ने मेले में शृंगार सामग्री और बच्चों ने खिलौनों की खरीदारी की।
खोये बुजुर्गों और बच्चों को परिजनों से मिलाया
ढाईघाट मेले में श्रद्धालुओं की भयंकर भीड़ में 50 से अधिक बुजुर्ग और बच्चे अपनों से बिछड़ गए। इन्हें खोया पाया शिविर में तैनात पंचायती राज विभाग के सफाई मित्रों ने ध्वनि विस्तारक यंत्र से प्रचार कर उनके परिजनों से मिलवाया।
मेले में पुलिस ने झूला बंद करवाया
ढाईघाट मेले में लगभग एक माह से युवाओं का मनोरंजन कर रहे बड़े झूले को मुख्य पर्व पर पुलिस ने बंद करवा दिया। इससे कई युवा मायूस हो गये। वहीं, कमाई के समय में झूला बंद कराने से ठेकेदार वीरेश कुमार भी परेशान हो गए। बाद में किसी तरह झूला उन्होंने चालू करवा दिया।