सीएचसी से रामकरन को राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाते पुलिसकर्मी। संवाद
पुवायां। शिकायती पत्र लेकर थाने आए युवक के बेहोश जाने से पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। सीएचसी से युवक को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया तो होमगार्ड उसे ई-रिक्शा पर बैठाकर फिर से थाने ले आया। बाद में उसे एंबुलेंस से राजकीय मेडिकल काॅलेज ले जाया गया।
सिंधौली के गांव बड़ावन निवासी सालिगराम का 32 वर्षीय पुत्र रामकरन मंगलवार दोपहर दो बजे थाने आया था। उसने पुलिस को बताया कि वह पत्नी को विदा कराने पुवायां के एक गांव स्थित ससुराल गया था। ससुराल के लोगों ने उसे पीट दिया। इस दौरान वह थाने में दोपहर 2:20 बजे वह बेहोश होकर गिर गया। पुलिसकर्मियों ने पानी के छींटे डालकर रामकरन को होश में लाने का प्रयास किया गया। होश नहीं आया तो उसे दोपहर 2:45 बजे सीएचसी ले गए, जहां एक होमगार्ड को रामकरन के पास छोड़कर पुलिसकर्मी लौट गए।
हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने रामकरन को 2:55 बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। होमगार्ड रामकरन को राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाने के बजाय ई रिक्शा पर लिटाकर थाने लेकर पहुंच गया। पुलिस की लापरवाही के चलते रामकरन काफी देर तक थाने में बेहोशी की हालत में पड़ा रहा।
बाद में 3:45 बजे उसे थाने से फिर सीएचसी लाया गया। शाम चार बजे एंबुलेंस पहुंची तो रामकरन को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि युवक पत्नी को विदा कराने आया था। उसने कहा कि ससुराल वालों ने उसको पीट दिया। थाने के आगंतुक कक्ष में ही दौरा जैसा पड़ने से वह बेहोश हो गया। सीएचसी से उसे शाहजहांपुर रेफर किया गया है।