तिलहर। लखनऊ-दिल्ली हाईवे फोरलेन बनाने में आड़े आ रहे कछियानी खेड़ा के हनुमान मंदिर को पीछे हटाने के लिए हरियाणा की हाउस लिफ्टिंग कंपनी के कर्मचारियों ने रविवार को दिनभर मंदिर के पीछे जेसीबी से भूमि की खोदाई का काम कराया। इस बीच, प्रशासन ने मंदिर कमेटी का गठन कराकर मंदिर के नाम जमीन का बैनामा होने का रास्ता साफ कर दिया है।
हरियाणा की कंपनी जय दुर्गा हाउस लिफ्टिंग एंड शिफ्टिंग के ठेकेदार कुलबीर सिंह ने बताया कि मंदिर के पीछे करीब 30 मीटर तक दो फीट गहरी खोदाई कर जमीन समतल बनाई गई है। शाम से मंदिर के चारों कोनों पर जैक लगाने का काम शुरू कर दिया है। बताया कि जमीन को समतल करके इस पर मंदिर का फाउंडेशन बनाया जाएगा। बाद में इसी फाउंडेशन पर मंदिर शिफ्ट किया जाएगा। दोपहर बाद खोदाई और भूमि समतल बनाने का काम पूरा होने पर मंदिर की पश्चिमी दीवार को काटकर उसमें जैक फिट किए गए। ठेकेदार ने बताया कि इसी तरह जैक मंदिर के चारों ओर लगाए जाएंगे। उसके बाद चहारदीवारी को चारों ओर से लोहे के चैनलों से जकड़कर और नीचे गार्डर लगाकर मंदिर परिसर को धीरे-धीरे पीछे खिसकाया जाएगा। प्रतिदिन चार से पांच फुट मंदिर पीछे हटेगा। उन्होंने बताया कि अभी जैक लगाने में कई दिन लग जाएंगे। उसके बाद अग्रिम प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मंदिर कमेटी में अधिकारी शामिल होने से महंत नाराज
मंदिर के महंत बाबा राम लखन गिरि नहीं चाहते थे कि मंदिर की कमेटी बनाई जाए। बृहस्पतिवार को जूना अखाड़ा से आए महामंत्री हरि गिरि जी महाराज ने द्विपक्षीय वार्ता में मंदिर के लिए भूमि का बैनामा कराने की बात की तब प्रशासन ने मंदिर की कमेटी बनाने का प्रस्ताव किया था। इसके बाद मंदिर के नाम बैनामा होने की बात तय हुई। कमेटी रजिस्टर्ड होने के बाद ही बैनामा की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस बीच प्रशासन की ओर से मंदिर कमेटी में एसडीएम और सीओ को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष बनाए जाने की बात की गई तो महंत राजी नहीं हुए और बात बिगड़ गई। बीते दिन चीनी मिल गेस्ट हाउस में कमेटी को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख दिखाया तो कमेटी का चयन हो गया। इसमें एसडीएम अध्यक्ष, सीओ उपाध्यक्ष, मंदिर के महंत सचिव सहित सात लोग शामिल किए गए हैं। सोमवार को एसडीएम और तहसीलदार के माध्यम से कमेटी को रजिस्टर्ड कराया जाएगा और उसके बाद भूमि का मंदिर कमेटी का नाम बैनामा किया जाएगा।
एक प्लाटून पीएसी और पुलिस बल तैनात
प्रशासन ने मंदिर शिफ्ट करने के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध होने की आशंका के मद्देनजर मंदिर के समीप सशस्त्र पुलिस तैनात कर दी है। इसके साथ ही एक प्लाटून पीएसी को समीप के राजकीय डिग्री कॉलेज में रखा गया है। शनिवार को मंदिर के पास सन्नाटा पसरा रहा और लोगों की आवाजाही बहुत कम रही।