आरएसएस के महिला समन्वय प्रकोष्ठ की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर में परिवार प्रबोधन कार्यक्रम के तहत महिला सशक्तीकरण और स्वावलंबन को लेकर चर्चा हुई। इसमें संगठन विभाग प्रमुख अंशू राजानी ने कहा कि देश में जगह-जगह राष्ट्र तथा समाज विरोधी घटनायें बढ़ रही हैं। इन्हें रोकने के लिये महिलाओं को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। ऐसे में राष्ट्र के प्रति उनका दायित्व और बढ़ जाता है। महिलाएं संघ के कार्य को भी आगे बढ़ायें ताकि समाज में इसका अच्छा संदेश जाये। महिला समन्वय की जिला प्रमुख साधना कुशवाहा ने कहा कि हमारी संस्कृति तथा वैदिक परंपरायें पाश्चात्य सभ्यता में रंगती जा रही है। परिवार एकल होकर बिखरते जा रहे हैं। इसके परिणाम आने वाले समय में और भयावह न हों इसके प्रयासों में हम सबको अभी से जुट जाना चाहिए। उन्होंने वर्तमान समय में पर्यावरण में बढ़ते जा रहे प्रदूषण पर भी चिंता जताई और मौजूद महिलाओं से अधिक से अधिक पेड़ लगाने को कहा। इस मौके पर आरएसएस के विभाग संघ चालक वीरेंद्र मिश्र, तहसील प्रचारक रवींद्र, बौद्धिक प्रमुख सतीश दीक्षित, प्रचार प्रमुख कृष्णपाल सिंह के अलावा दीपा सिंह, माधुरी, सुशीला तथा मंजू समेत बड़ी तादाद में महिलाएं मौजूद रहीं।