शाहजहांपुर। जिले की स्वास्थ्य इकाइयों पर डॉक्टरों की कमी के चलते झोलाछाप का जाल फैल गया है। वे मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उपचार के नाम पर ठगते हैं। मरीज की हालत गंभीर होने पर हाथ खड़े कर देते हैं। सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षकों को शिकंजा कसने के लिए निर्देशित किया है।
जिले में करीब सौ अस्पताल व क्लीनिक ही स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में पंजीकृत हैं। फिर भी हर गली-मोहल्ले में झोलाछाप अपनी दुकान खोले बैठे हैं। स्वास्थ्य इकाइयों में डॉक्टर नहीं होने से जैसे-तैसे चिकित्सीय सुविधाएं दी जा रहीं हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाके में झोलाछाप मरीजाें की मजबूरी का लाभ उठा रहे हैं। मरीजों को सस्ता और सुलभ इलाज देने का झांसा देकर झोलाछाप जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वह अपने क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाकर बिना पंजीकृत दुकानाें को बंद कराएं।
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चार अस्पताल बंद कराए, 40 को नोटिस
-जनवरी से अभी तक नोडल अधिकारी डॉ.आसिफ ने चार अस्पतालों को बिना पंजीकरण संचालित पाए जाने पर बंद कराया है, साथ ही 40 को नोटिस दिए हैं। उन्होंने बताया कि सूचना आने पर वह खुद चेकिंग और कार्रवाई करते हैं।
-स्वास्थ्य विभाग सीमित संसाधन में मरीजों को उपचार दे रहा है। झोलाछाप पर कार्रवाई के लिए चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं।
डॉ.आरके गौतम, सीएमओ