जिलाधिकारी सरकारी अस्पताल में प्रसव पर जोर दे रहे हैं, इसके लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी कराई जा रही है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य कर्मी सुधरने को तैयार नहीं है। ऐसे ही एक मामले में 25 अप्रैल को सुविधा शुल्क नहीं दे पाने पर प्रसव पीड़िता को अस्पताल से धक्के मारकर निकाल दिया गया। परेशान पति ने जेवर बेचकर महिला का निजी अस्पताल में प्रसव कराया। नगर के मोहल्ला बजरिया निवासी ओमप्रकाश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 25 अप्रैल की रात पत्नी रूपा को प्रसव पीड़ा होने पर वह उसे लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचा और भर्ती करने का अनुरोध किया। ड्यूटी पर तैनात अस्पताल के दो कर्मचारियों ने रूपा को भर्ती करने से इंकार कर दिया। खुशामद करने पर उससे सुविधा शुल्क की मांग की गई। गरीबी का हवाला देकर रुपये देने में असमर्थता जताने पर उसे पत्नी सहित अस्पताल से धक्के मारकर निकाल दिया गया। इसके बाद उसने पत्नी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और अगले दिन जेवर बेचकर अस्पताल का बिल भरा। ओमप्रकाश ने शनिवार को मामले की शिकायत करते हुए डीएम को पत्र भेजा और रविवार को पुलिस को तहरीर देकर आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग की है।
प्रसव के लिए आई महिला को भगाए जाने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई शिकायत मिलती है तो जांच कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी सरकारी अस्पताल खुटार