जैतीपुर। क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में लंपी वायरस जैसे लक्षण पालतू व घुमंतू गोवंशीय पशुओं में तेजी से उभर रहे हैं। एक सप्ताह से क्षेत्र के पशुपालक परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से संपर्क करने के बावजूद समस्या का संज्ञान नहीं लिया जा रहा था। बुधवार को अमर उजाला ने समाचार प्रकाशित किया तो पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर बीमार गायों की जांच की। पशुपालकों को जरूरी दवाएं देकर कई सावधानियां बताईं।
क्षेत्र के गांव खेड़ा बझेड़ा सहित सुरजूपुर, नौगवां, गोविंदपुर, खेड़ा रठ, बझेड़ा भगवानपुर आदि गांवों में करीब दो दर्जन से ज्यादा गोवंशीय पशुओं के शरीर पर पहले लंपी वायरस जैसी गांठें उभरीं और बाद में बुखार चढ़ने पर गायों ने चारा-भूसा लेना बंद कर दिया। सुरजूपुर के हनुमत लाल श्रीवास्तव की गाय कई दिन से बेहद बीमार है। पिछले सप्ताह खेड़ा बझेड़ा निवासी महिपाल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी गोवंश के बीमार होने की शिकायत कर मदद मांगी, लेकिन पशु चिकित्सा विभाग लापरवाह बना रहा। बुधवार को जैतीपुर पशु अस्पताल से प्रभारी डॉ. आशीष सिंह टीम के साथ बझेड़ा भगवानपुर और खेड़ा रठ पहुंचे। उन्होंने बीमार गायों के स्वास्थ्य की जांच कराई और उनके लिए आवश्यक दवाएं वितरित कराईं।
ये बरतें सावधानी
डॉ. आशीष ने कहा कि बीमार पशुओं को अन्य स्वस्थ पशुओं से दूरी पर बांधें और उनके आसपास इतनी सफाई रखें कि मच्छर-मक्खी आदि कीट न पनपें। उन्होंने कहा कि बीमार पशुओं को दिन में दो बार नीम की पत्तियां डालकर उबाले गए पानी से नहलाएं तो शरीर पर उभरी गांठें जल्द खत्म हो जाएंगी। उन्होंने स्वस्थ पशुओं मेें भी वायरस की रोकथाम को उन्हें दवाएं खिलाते रहने का सुझाव दिया।