खुदागंज। ग्राम म्यूना में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में नैमिषारण्य से आए पं. शैलेंद्र मिश्रा ने शुकदेव एवं राजा परीक्षित का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि शिकार के दौरान प्यास से व्याकुल राजा परीक्षित जल की तलाश में शमीक ऋषि के आश्रम पहुंचे। ऋषि को समाधि में लीन देखकर राजा ने जल मांगा, लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। इससे क्रोधित राजा ने मृत सांप को ऋषि के गले में डाल दिया। घटना से नाराज ऋषि पुत्र शृंगी ने राजा परीक्षित को श्राप दिया कि सातवें दिन तक्षक नाग के डसने से उनकी मृत्यु होगी। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संवाद