परौर। जटिउरा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक डॉ. दयानंद शास्त्री ने गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि बृजवासी इंद्र की पूजा करते थे। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें गिरिराज गोवर्धन से मिलने वाले लाभ गिनाते हुए उनकी पूजा करने के लिए कहा। इससे देवराज इंद्र कुपित हो गए और उन्होंने वर्षा आरंभ कर दी। उनके अहंकार को नष्ट करते हुए भगवान ने एक अंगुली पर गोवर्धन को उठाकर बृजवासियों की रक्षा की। कथा श्रवण में कौशल कुमार, मनोज कुमार लोधी, अमित कुमार, छविराम, प्रेमपाल, रामदास आदि श्रद्धालु शामिल रहे। संवाद