राष्ट्र के विकास में वैज्ञानिकों की महती भूमिका
गन्ना शोध परिषद में प्रदेश के प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राहुल भटनागर ने शनिवार को आधुनिक तकनीकी से युक्त अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रस्तावित प्रयोगशाला का शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होंने ने नवनिर्मित बायोएजेंट प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी, टिशूकल्चर, शुगर केमिस्ट्री, प्लांट पैथोलॉजी आदि प्रयोगशालाओं का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास में वैज्ञानिकों की महती भूमिका होती है। उन्होंने कर्मयोग की महत्ता पर विशेष बल देते हुए कई विकसित देशों का उदाहरण देकर वैैज्ञानिकों में ऊर्जा का संचार किया। साथ ही निदेशक तथा वैज्ञानिक वर्ग को आश्वस्त किया कि शोध कार्यो में उच्चतम तकनीकी का उपयोग करें तथा इसके लिए वित्त संबंधी समस्याएं आड़े नहीं आएंगी क्योंकि वैज्ञानिक देश के विकास एवं प्रगति का शिल्पी होता है। इससे पूर्व संस्थान के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने प्रमुख सचिव का स्वागत करते हुए संस्थान तथा अन्य केंद्रों पर चल रही शोध परियोजनाओं के बारे में बताया। इसके बाद प्रमुख सचिव ने प्रक्षेत्र भ्रमण के दौरान विभिन्न परीक्षणों का अवलोकन किया। प्रयोगशाला निरीक्षण के समय डीएम पुष्पा सिंह ने भी वैज्ञानिकों से काफी विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक डॉ. वीरेश सिंह, डॉ. अतुल सिंह, डॉ. इंद्रशेन सिंह, डॉ. सुचिता सिंह, गन्ना विकास विभाग के उपगन्ना आयुक्त, बरेली डा. दिनेश्वर मिश्र एवं जिला गन्ना अधिकारी, ब्रजेश कुमार पटेल आदि मौजूद रहे। संचालन प्रसार अधिकारी संजीव पाठक ने किया।