शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव की घोषणा होते ही चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं। राजनीतिक दल कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। शाहजहांपुर से तीन मंत्री होने की वजह से चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के प्रदर्शन पर सभी की निगाहें लगी हुईं हैं। प्रत्याशी की हार-जीत से लोग मंत्रियों की प्रतिष्ठा को भी जोड़कर देख रहे हैं।
शाहजहांपुर लोकसभा सीट को लेकर राजनीतिक दलों ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। भाजपा ने जहां अरुण सागर को फिर टिकट दिया है वहीं सपा ने राजेश कश्यप को प्रत्याशी बनाया है। गठबंधन के कारण कांग्रेस सपा प्रत्याशी की जीत के लिए जोर लगा रही है। पहला मौका है जब कांग्रेस ने शाहजहांपुर लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी नहीं उतारा है।
2014 में भाजपा प्रत्याशी कृष्णाराज ने लोकसभा चुनाव जीता था। तब पार्टी के पास सिर्फ नगर विधायक सुरेश कुमार खन्ना थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की लहर में जिले की छह में से पांच सीटों पर जीत हासिल हुई थी। सुरेश कुमार खन्ना कैबिनेट मंत्री बनाए गए। 2019 के चुनाव में कृष्णाराज का टिकट काटकर अरुण कुमार सागर को दिया गया और उन्होंने अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल की। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले जितिन प्रसाद को भी कैबिनेट में शामिल कर लिया गया। 2022 के विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए अभूतपूर्व रहे। सभी छह सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। इसका तोहफा भी जिले को मिला जब तीन-तीन मंत्रियों ने योगी मंत्रिमंडल में जगह बनाई। सुरेश कुमार खन्ना वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री बने जबकि जितिन प्रसाद को लोक निर्माण विभाग मिला। जेपीएस राठौर को सहकारिता राज्यमंत्री बनाया गया। अब इन मंत्रियों पर लोकसभा प्रत्याशी को जीत दिलाने का दायित्व सौंपा गया है।
-