आरटीआई के तहत मांगी गई थी पालिका संपत्ति की जानकारी
जवाब में अधिशासी अधिकारी ने दी रजिस्टर गायब होने की सूचना
बता दें कि दो माह पहले जनमोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने आरटीआई के तहत आवेदन करके नगरपालिका परिषद सीमा क्षेत्र की अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा था और उत्तर में पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने बताया कि पालिका कार्यालय से संपत्ति रजिस्टर गायब है और इस बारे में थाना सदर बाजार पुलिस को अवगत कराने के साथ उपलब्ध अभिलेखों से दूसरा संपत्ति रजिस्टर तैयार कराया जा रहा है। चूंकि, इस बारे में शासन को अधिकृत तौर पर कोई सूचना दिए बगैर दूसरा संपत्ति रजिस्टर तैयार कराया जाने लगा। इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुसूचित जनमोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने गत माह लखनऊ उच्च न्यायालय के कई वकीलों को साथ लेकर राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन देकर इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति करने का अनुरोध किया था। उसी क्रम में नेता विरोधी दल को ज्ञापन सौंपा था। लखनऊ भेंट करने गए शिष्टमंडल में हाईकोर्ट के अधिवक्ता राकेश कुमार मणिकांत, मोर्चा की बरेली इकाई के उपाध्यक्ष अनूप वर्मा, सुनील वाजपेयी आदि शामिल रहे।