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Shahjahanpur News: अभियंताओं की हड़ताल से लड़खड़ाया बिजली नेटवर्क

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शाहजहांपुर। ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन की दमनात्मक कार्यप्रणाली के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बुधवार को दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। विद्युत निगम के अधिकारी व कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक का बिजली नेटवर्क पटरी से उतर गया है। बिजली कर्मियों ने एसई कार्यालय में धरना देकर विरोध सभा की, साथ ही आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।
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बुधवार को सुबह दस बजे से जिले के अधिकारी और कर्मचारी एसई आफिस में धरने पर आ डटे। अधिकारी-कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते जिले की बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। बिजली गुल होने पर फाल्ट को सही करने में काफी ज्यादा समय लग गया। इधर, धरनास्थल पर सभा अध्यक्ष बीके जैन, अरविंद कुमार, अशोक कुमार आदि ने ऊर्जा प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। कहा कि ऊर्जा निगमों के शीर्ष प्रबंधन के स्वेच्छाचारी रवैये व दमनात्मक कार्यप्रणाली के विरोध में बिजली कर्मियों की वर्षों से समस्याएं लंबित हैं। चेयरमैन पर सरकार को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए ऊर्जा मंत्री से प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की। वीरेंद्र कुमार,सौरव शाक्य,अभिषेक राय, पुष्पेंद्र कुमार, गुलशन कुमार, अंकित तिवारी,कृष्ण कुमार पटेल, सुधीर शर्मा, तेजराम, तेजराम, महेश माथुर ने कहा कि आम जनता को तकलीफ न हो। इसलिए बहिष्कार के दूसरे चरण में पारेषण विद्युत उपकेन्द्रों और 33 केवी विद्युत उपकेंद्रों में पाली में कार्यरत बिजली कर्मियों को अवमुक्त रखा गया है।
इन्होंने दिया समर्थन
अभियंताओं के धरने को ऑल टीचर इम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कश्यप ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर समर्थन दिया। विद्युत कर्मचारी एकता संघ के जिलाध्यक्ष महेश माथुर ने भी साथ देने की बात कही है।
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ग्रामीण इलाकों में पटरी से उतर गई बिजली व्यवस्था
विद्युत निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ग्रामीण इलाकों में बिजली का नेटवर्क सबसे ज्यादा खराब हो गया है। जेई संवर्ग के मुताबिक, तिलहर में नगर का एक फीडर सुबह दस से शाम पांच बजे तक बंद रहा। ऐसे में तहसील समेत दर्जनों मोहल्लों की बिजली आपूर्ति गायब हो गई। लघु उद्योग पूरी तरह से चौपट हो गए। इसी तरह कटरा में रुरल फीडर बंद होने से 15 हजार उपभोक्ताओं के घरों में बिजली की आपूर्ति नहीं मिल सकी। सुबह नौ बजे से गुल बिजली तीन बजे शुरू कराई जा सकी। इसी तरह बंडा का नभीची फीडर बंद होने से 15 गांवों की आपूर्ति रात दो बजे से बंद रही। यह दोपहर बाद सही कराई जा सकीं।
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