शाहजहांपुर। समाज कल्याण विभाग से बुजुर्गों की पेंशन के दो करोड़ 52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े के लिए ग्रामीणों की पासबुक उपलब्ध कराने वाले कांट थाना क्षेत्र के खपटी गांव निवासी रामऔतार को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे प्रत्येक पासबुक के एवज में दो सौ रुपये मिले थे। खातों में रुपये आने के बाद खाताधारकों को पांच सौ से एक हजार रुपये देकर टरका दिया और लाखों रुपये हड़प लिए।
तीन अप्रैल को तिलहर विधायक वीर विक्रम सिंह प्रिंस द्वारा पेंशन घोटाले का बिंदु सदन में उठाए जाने के बाद जांच शुरू की गई थी। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह पर कार्यभार संभाली वाली प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने 19 सितंबर को राजेश कुमार समेत नौ लोगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शुरुआत में सदर पुलिस ने जांच की। फिर एसपी ने अपराध शाखा को मामला ट्रांसफर कर दिया था। शाखा प्रभारी निरीक्षक जाकिर हुसैन व वीरेंद्र सिंह ने मामले की पड़ताल शुरू करते हुए नामजद आरोपियों की तलाश शुरू की।
जनसेवा केंद्र के जरिये बांटे गए थे रुपये, ताला जड़ भागा : रामऔतार ने पुलिस को बताया कि गांव का राजेश जनसेवा केंद्र चलाता है। करीब एक साल पहले उनका भांजा जयपाल निवासी कुर्रिया कलां थाना कांट, पल्यौरा के पप्पू कुशवाहा ने आकर उसे लालच दिया था। हर पासबुक पर 200 रुपये मिलने पर उसने 10 से 15 लोगों को विश्वास में लेकर जयपाल, पप्पू व राजेश को दी थी। इसके बदले में उसे रुपये भी मिल गए थे। इन्हीं खातों में तीन से 12 हजार रुपये भेजे गए थे। रुपये आने के बाद जनसेवा केंद्र संचालक राजेश ने खाताधारकों को बुलाकर उसने अंगूठा लगवाकर 500 से 1000 रुपये तक शेष रुपये स्पयं हड़प लिए थे। रामऔतार को कुछ दिन के बाद समाज कल्याण में घोटाले की जानकारी हुई थी।
केंद्र संचालक फरार, तलाश शुरू की गई : सदर पुलिस ने रामऔतार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से केंद्र संचालक राजेश भी भूमिगत हो गया। उसकी तलाश की जा रही है। पेंशन घोटाले में राजेश का नया नाम प्रकाश में आया है।