कांट। क्षेत्र के ग्राम हटीपुर निवासी वेद प्रकाश मिश्रा के बाएं हाथ की कोहनी में गोली लगने के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए खुद ही साजिश के तहत गोली मारी थी। पुलिस ने दादा-पौत्र को गिरफ्तार कर लिया है।
13 सितंबर को वेदप्रकाश मिश्रा ने दर्ज कराए मुकदमे में बताया था कि वह अपने पौत्र सचिन के साथ गांव से कांट आ रहे थे। तभी अभायन के विमलेश व एक अज्ञात व्यक्ति मिला और रुपयों के लेन-देन को लेकर फायर कर दिया।
गोली उनकी कोहनी में लग गई। पुलिस ने विमलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना संदिग्ध प्रतीत होने पर इंस्पेक्टर अश्वनी सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक पंकज कुमार ने विवेचना को शुरू किया। इसमें वेद प्रकाश अपनी साजिश में खुद फंस गया। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पूर्व वेद प्रकाश के पौत्र सचिन को कुत्ते ने काट लिया था।
इसकी दवाई लेने विमलेश के पिता नरेशचंद्र के पास जाता था। इस बीच उनके घर पर आना-जाना शुरू हो गया। विमलेश को तीन हजार रुपये भी उधार दे दिए थे, लेकिन उसकी वेदप्रकाश का अधिक आना-जाना होने के चलते उसने रुपये वापस किए और घर पर आने का विरोध किया। वेदप्रकाश को डर था कि कहीं विमलेश अपनी पत्नी की ओर से कोई तहरीर दिलवाकर कार्रवाई न करा दें। इसी के चलते उसने अपने पौत्र सचिन के साथ मिलकर साजिश रची और नहर पुलिया को जाने वाले रोड पर खुद बाएं हाथ में गोली मार ली। घटना में प्रयुक्त 32 बोर के तमंचे को छिपाकर विमलेश के खिलाफ तहरीर देकर केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने जांच की तो सारी सच्चाई सामने आ गई। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि बरामद असलाह को बरामद कर लिया। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं सचिन के पिता
-सचिन के पिता विकास चचेरे भाई की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास काट रहे हैं और बरेली जेल में है। इंस्पेक्टर ने बताया कि मुकदमे का वादी आजीवन कारावास की सजा में निरुद्ध है।