बंडा। श्री सिद्ध बाबा स्थान पर चल रही श्री रामकथा में पं. कपिल त्रिवेदी ने पांचवें दिन बृहस्पतिवार को सुग्रीव मित्रता व लंका दहन का प्रसंग सुनाया। बंडा से ददिउरी जाने वाले मार्ग के किनारे प्राचीन सिद्ध बाबा स्थान है जहां बाबा मंगलदास व अन्य सहयोगियों के साथ सात दिवसीय कथा का आयोजन हो रहा है। पं. कपिल त्रिवेदी ने कहा कि भगवान राम और सुग्रीव की मित्रता होने के बाद सीताजी की खोज के लिए हनुमान लंका पहुंचते हैं। वहां अशोक वाटिका में उत्पात मचाते हैं तो मेघनाद, हनुमान जी को बंदी बनाकर रावण के दरबार में लाता है। हनुमान जी रावण को समझाते हैं लेकिन वह उनकी पूंछ पर आग लगा देता है। इसके बाद हनुमान जी सोने की लंका जला देते हैं। संवाद