शाहजहांपुर। सीएससी सेंटर के जरिये बिजली बिलों में हेरफेर करने वालों के नाम और मोबाइल नंबरों को बिजली निगम सार्वजनिक करेगा। उद्देश्य है कि पोस्टर पर नाम और नंबर चस्पा कर गड़बड़ी लेकर आने वाले उपभोक्ता सीधे उनसे संपर्क कर सकें।
16 अगस्त को बिल जमा हाेने के बाद भी पुरानी धनराशि जुड़कर आने की शिकायत पर एसई ने वैन में छापेमारी की थी। इसके बाद कई लोगों ने बिल की धनराशि निगम के खाते में ट्रांसफर नहीं होने, पुराना बिल ब्याज समेत जुड़कर आने की शिकायत की थी। एसई ने वैनों को बंद करा दिया था। एसई जेपी वर्मा ने बताया कि वैनों पर कार्यरत कर्मियों, संबंधित कंपनी के जिम्मेदारों के नाम और मोबाइल नंबरों का पोस्टर चस्पा करने के निर्देश एक्सईएन को दिए हैं। इससे वैन पर बिल जमा करने के बाद गड़बड़ी की शिकायत लेकर आने वाले संबंधित से शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
संविदाकर्मी निकला मास्टरमाइंड
अधिकारियों की जांच के दौरान संविदा कर्मचारी ही मास्टर माइंड निकला है। अधिकारियों के नजदीक रहने वाला कर्मचारी पूर्व में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर सही करा देता था और अधिकारियों को भनक तक नहीं लगती थी। अफसरों के अनुसार, पांच में तीन वैन संविदाकर्मी की बताई गईं हैं। मामले का भंडाफोड़ होने के बाद उसे बहादुरगंज स्थित कार्यालय से हटाकर उपकेंद्र पर ड्यूटी के लिए भेज दिया है।
शुक्रवार को दो लोग बिल की गड़बड़ी की शिकायत लेकर आए थे। उनका बिल सही कर दिया है। एक्सईएन को संबंधित व्यक्तियों के नामों को सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं।
- जेपी वर्मा, एसई