शाहजहांपुर/कांट। बरेली मोड़ से जलालाबाद के याकूबपुर तक सड़क चौड़ीकरण के निर्माण कार्य में नागरिकों ने पेंच अटका दिया है। अवैध अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान कई बार विरोध होने के बाद तोड़फोड़ का कार्य सुस्त पड़ गया। एक सप्ताह के बाद भी अवैध कब्जे हटाने का कार्य शुरू नहीं हो सका। ऐसे में कार्यदायी संस्था ने सड़क पर डामर डालकर कार्य को शुरू कर दिया है।
बरेली मोड़ से जलालाबाद के याकूबपुर तिराहे तक 28.300 किमी लंबे मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। जनवरी 2025 तक पूर्ण होने वाला कार्य कांट में सुस्त पड़ गया। पीडब्ल्यूडी ने सड़क से 60 फुट तक सड़क को खाली करने का नोटिस दिया था। अधिकारियों की टीम अतिक्रमण करने पहुंची तो लोगों ने विरोध कर दिया। वह अपना निर्माण 45 फुट तक तोड़ना चाहते हैं। एक सप्ताह पहले महुआ के पास अधिकारियों की नगर पंचायत के चेयरमैन के पुत्र शहजाद खां से नोकझोंक हो गई थी। इसके बाद से अवैध कब्जे हटाए जाने का काम ठंडा पड़ गया। पीडब्ल्यूडी के तेवर सुस्त पड़ने के बाद कार्यदायी संस्था ने कस्बे में सड़क पर डामर डालकर कार्य को रोड रोलर से कार्य को शुरू करा दिया। सड़क के बीच में फंसने वाला छज्जा या दीवार को ही तोड़ा गया।
इनपुट
294.29 करोड़ रुपये की लागत से बनना है फोरलेन
5746 पेड़ फोरलेन निर्माण में अवरोधक थे, वह भी काटे जाने हैं।
13.08 करोड़ रुपये पेड़ काटने के लिए वन निगम को जमा किए गए थे।
50 दुकानें कस्बे में तोड़ी जा चुकी हैं।
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ऐसे बनेगी सड़क
-करीब 28 किलोमीटर की सड़क वर्तमान में सात मीटर चौड़ी है। यहां पर नौ-नौ मीटर चौड़ी दो सड़कें बनाईं जाएंगी। 2.5 मीटर चौड़े डिवाइडर बनेंगे। सड़क के दोनों ओर ढाई-ढाई मीटर चौड़ी पटरी बिछाई जाएगी। पूरा मार्ग करीब 25 मीटर चौड़ा बनेगा।
यह होगा फायदा
-इस हाईवे पर भारी यातायात गुजरता है। हाईवे का चौड़ीकरण होने से कस्बे में जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। कांवड़ यात्रा पर जाम से नहीं जूझना पड़ेगा, साथ ही आए दिन होने वाले हादसों से निजात मिल जाएगी।
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15 फुट जमीन को लेकर विरोध
-कस्बे में 15 फुट जमीन को लेकर विरोध हो रहा। अधिकारी कस्बे में 60 फुट जमीन खाली कराना चाहते हैं, जबकि कस्बे के लोग 45 फुट ही जमीन देने को तैयार हैं। उनका कहना है कि पिपरोला में 45 फुट जमीन ली गई है तो कांट वालों के साथ भेदभाव क्यों हो रहा है।
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-जितिन प्रसाद के पीडब्ल्यूडी मंत्री रहते हुए 45 फुट जमीन लेकर नाला निर्माण की बात तय हुई थी। पिपरोला में भी इतनी ही जमीन पर कार्य हुआ है। मामले में डीएम से मुलाकात की थी। उन्होंने जरूरत के हिसाब से जमीन लेने के निर्देश दिए थे।
रईस मियां, पूर्व चेयरमैन नगर पंचायत परिषद
-तीन दिन से निर्माण को लेकर कोई अपडेट नहीं मिला है। अधीनस्थों से जानकारी लेकर अग्रिम कार्रवाई को कराया जाएगा।
रतिन सिन्हा, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
कांट कस्बे में अवैध अतिक्रमण तोड़े जाने के बाद पड़ा मलबा। संवाद