- सोमवार को दिनभर चलीं धूल भरी हवाएं, 2.5 डिग्री लुढ़का पारा
- किसान शाम को हवा थमने पर फसलों की हल्की सिंचाई करें
शाहजहांपुर। वायुदाब में कमी के कारण दक्षिण-पश्चिम दिशा की हवा ने रात से तेजी पकड़ी तो ठिठुरन बढ़ने के साथ न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री घटकर नौ डिग्री सेल्सियस हो गया। सुबह आर्द्रता 85 फीसदी होने के कारण हवा के तेज अंधड़ ठिठुरन महसूस कराते रहे। दिन भर धूल भरे अंधड़ चलने से अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री घटकर 22.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप के साथ हवा चलने का दौर अगले दो-तीन दिन तक जारी रहने की दशा में गन्ना गिरने की आशंका पैदा हो जाएगी। वहीं गेहूं की बालियों में पड़ रहे दाना का दूध सूखने से गेहूं की उत्पादकता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
इन दिनों सामान्य से अधिक तापमान और तेज हवा रबी की सभी फसलों के लिए घातक है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार, गेहूं को प्राकृतिक रूप से परिपक्व होने के लिए दिन में तापमान 17 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहना चाहिए। इस लिहाज से रबी की गेहूं, चना, सरसों, मटर आदि सभी फसलों के लिए दिन में गर्मी सामान्य से अधिक हो रही है। इधर, दो दिन से तेज अंधड़ चलने से वाष्पन की प्रक्रिया तेज होने के साथ हवा भी शुष्क होने लगी है। उनका कहना है कि इन दिनों गेहूं की बालियों में दाना पड़ने लगा है। यदि इसी तरह तेज हवा चलती रही तो बालियों का दूध सूखने पर गेहूं के दाने सिकुड़ जाएंगे। इससे गेहूं की उत्पादकता घटेगी। तेज हवा से सरसों की फलियोंं को भी नुकसान हो सकता है। सूखने से बचाने के लिए किसान शाम को हवा थमने पर फसलों की हल्की सिंचाई करें, क्योंकि दिन में सिंचाई करने पर हवा से पौधे गीली मिट्टी में उखड़ सकते हैं।
गन्ना गिरने से बचाने के लिए बंधाई जरूरी
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि तेज हवा से लंबी प्रजाति का परिपक्व हो चुका गन्ना खेतों में गिरने का डर है। इसलिए उन्होंने किसानों को सुझाव दिया है कि खेत में गन्ना की कैंची आकार में इस तरह तिरछी बंधाई करें कि हवा तेज होने पर भी उसे खेतों से निकलने का रास्ता मिल सके। हालांकि, जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव का कहना हैै कि अधिकांश किसान गन्ना बांध चुके हैं। गन्ना की जड़ें भी मजबूत होकर जमीन में पकड़ बना चुकी हैं। इसलिए उसके गिरने की आशंका कम है। इस बार जिले में करीब एक लाख हेक्टेयर मेें गन्ना बोया गया है। डीसीओ के अनुसार, गन्ना में फिलहाल सिंचाई की जरूरत नहीं है और बारिश के बाद हवा चलने पर भी उसके गिरने की आशंका होगी।
दो दिन से वायुदाब सामान्य से काफी कम है और उत्तर-पश्चिम भारत पर बने कम दबाव वाले क्षेत्र को भरने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा से तेज हवा चल रही है। बीते दिन की तुलना में सोमवार को हवा की गति ज्यादा बनी रही। बैरोमीटर सूचकांक शाम तक सामान्य से 19 मिलीबार नीचे रहा। मंगलवार को भी सुबह से शाम तक हवा का बहाव असामान्य बना रहेगा।
-डॉ. मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद
सोमवार को धूप निकलने पर बहादुरगंज बाजार में खरीदारी करने को लगी लोगों की भीड ।संवाद