चिलौआ मेला में लगा नाव वाला झूला और उसे निहारते लोग। संवाद
अल्हागंज। प्रसिद्ध चिलौआ मेला रविवार से शुरू हो गया। तीन दिवसीय मेले के पहले दिन भीड़भाड़ थोड़ी कम नजर आई। सोमवार से भक्तों के उमड़ने की संभावना है।
प्रसिद्ध चिलौआ मेला मां काली के मंदिर और यहां लगने वाली मिट्टी के बर्तनों, दरी-कालीन और पत्थर के रसोई सामानों की दुकानों के लिए जाना जाता है। मेले में बच्चों के खिलौने, झूला और महिलाओं के लिए रसोई और श्रृंगार संबंधित दुकानें भी सज गई हैं। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस व्यवस्था भी दुरुस्त है। मंदिर प्रांगण से लेकर गांव के बाहर तक पुलिस तैनात की गई है। इस बार यहां आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा भी की गई है।
मंदिर में साफ-सफाई की व्यवस्था का ख्याल मंदिर के पुजारी पंडित रमेश की देखरेख में किया जा रहा है। यहां मंदिर प्रांगण में महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला सिपाहियों की भी तैनाती कर दी गई है।