लखनऊ के चंद्रपाल का फाइल फोटो। (मकसूदपुर सैंजनियां में गोमती नदी में मिला था शव) संवाद
खुटार। (शाहजहांपुर)। मामा के घर से लापता लखनऊ के युवक की मौत की वजह पोस्टमार्टम में स्पष्ट नहीं हो सकी है। खुटार के गांव महमूदपूर सैंजनियां से लापता हुए लखनऊ के थाना चिनहट के गांव भरवारा निवासी 18 वर्षीय चंद्रपाल का शव गोमती नदी से मिला था। मौत की वजह सामने न आने से गुत्थी और उलझ गई है। चंद्रपाल की मां ने रिश्तेदारों पर ही हत्या कर शव नदी में फेंकने का आरोप लगाया है।
चंद्रपाल अपने छोटे भाई रामपाल के साथ चार अप्रैल को अपने मामा संतोष कुमार के घर मेहमानी में आया था। संतोष रायबरेली में नौकरी करते हैं। घर पर उनकी पत्नी राजकुमारी और तीन पुत्रियां रहती हैं। चंद्रपाल का भाई कुछ दिन बाद अपने घर लौट गया। 26 मई की रात चंद्रपाल घर से गायब हो गया। 27 मई की सुबह गोमती नदी के चकलुआ घाट पुल पर उसका पर्स, चप्पल, मोबाइल आदि मिला था। 29 मई को चंद्रपाल का शव गोमती नदी के कुंड में उतराता मिला था।
चंद्रपाल की मां उर्मिला देवी ने अपने रिश्तेदारों पर ही किसी विवाद में हत्या करने और शव गोमती नदी में फेंकने का आरोप लगाया है। चंद्रपाल का शव बरामद हुआ था तो उसके हाथ गर्दन के पीछे रेशमी कलावे की डोरी से बंधे हुए थे। ऐसे में पुलिस को भी उसकी हत्या होने का संदेह है। थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चंद्रपाल की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। चंद्रपाल का विसरा सुरक्षित किया गया है। थाना प्रभारी के अनुसार जांच चल रही है। चंद्रपाल की मां को शाम को बुलाया गया है। उनकी तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।