की मेन ब्रांच, एचडीएफसी बैंक आदि ने खातेदारों को उनकी मांग और सरकार से निर्धारित अधिकतम भुगतान सीमा के अनुरूप 24-24 हजार रुपये उपलब्ध कराए। इस बीच, अग्रणी बैंक प्रबंधक वीएम गुप्ता ने जैतीपुर ब्लॉक में बॉब की कई शाखाओं का दौरा करके वहां के भुगतान काउंटरों को सुचारु कराया। बता दें कि 15 दिसंबर से टेलीफोन और बिजली बिलों की अदायगी समेत ट्रेनों, रोडवेज बसों और पेट्रोलियम फिलिंग स्टेशनों पर पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट चलने बंद हो जाने से बीएसएनएल, पॉवर कारपोरेशन, परिवहन निगम, रेलवे आदि विभागों में दो हजार और पांच सौ के नए नोटों समेत सौ रुपये और इससे कम मूल्य वाले पुराने नोटों का कैश कलेक्शन शुरू हो गया है। इन सभी विभागों से दैनिक रोकड़ बैंकों में जमा होने के साथ वहां की भुगतान प्रक्रिया भी सुधरने लगी है। इसका सकारात्मक प्रभाव सोमवार को कई बैंक शाखाओं में देखने को मिला। एसबीआई और बॉब की मुख्य शाखाओं समेत जली कोठी के पास स्थित इंडियन बैंक और खिरनीबाग की केनरा बैंक के तमाम खातेदारों को सरकार से निर्धारित अधिकतम भुगतान सीमा के अनुरूप 24-24 हजार रुपये का पेमेंट किया गया। इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक मनोज कुमार के अनुसार 400 लोगों को भुगतान किया गया। इनमें लगभग 225 लोगों को 24-24 हजार रुपये का एकमुश्त पेमेंट दिया गया। अपवाद के तौर पर बॉब ग्रामीण बैंक की विकास भवन शाखा में खातेदार कर्मचारियों की संख्या अधिक होने से वहां भुगतान सीमित धनराशि से करना पड़ा। शाखा प्रबंधक सुरेश चंद्र आर्य के अनुसार 300 विड्रॉल फॉर्मों पर करीब 15 लाख रुपये भुगतान किए जाने के बाद इतने ही विड्रॉल फॉर्म कैश की कमी के कारण रोकने पड़े। उन्होेंने बताया कि डीपीआरओ दफ्तर के कर्मचारियों को लगभग 75 लाख रुपये वेतन भुगतान किया जाना है। बॉब की मंडी चौक ब्रांच, सदर बाजार की यूनियन बैंक, गोविंदगंज स्थित इलाहाबाद बैंक, एसबीआई की चौक घंटाघर शाखा ने भुगतान सीमा बढ़ाकर पांच से दस हजार रुपये कर दी है। इस बीच, अग्रणी बैंक प्रबंधक ने जैतीपुर समेत गढ़िया रंगीन और डभौरा की बॉब शाखाओं में जाकर वहां भुगतान प्रक्रिया का जायजा लिया। एलबीएम गुप्ता के अनुसार बैंक शाखाआें के माध्यम से पांच सौ के नए नोट जारी होने से बाजार में करेंसी सर्कुलेशन तेजी से बेहतर होगा और इससे छोटे नोटों की कमी से जल्द छुटकारा मिलने की उम्मीद है।