पुलिस की गिरफ्त में उम्रकैद का दोषी बादशाह। संवाद
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शाहजहांपुर। थाना कटरा पुलिस ने आजीवन कारावास की सजा पाए दस हजार के इनामी बदमाश बादशाह को खेत पर बनी मचान से गिरफ्तार किया है। उसे पकड़ने के लिए एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम का गठन किया था। घर की कुर्की होने के बाद बादशाह खुद को सुरक्षित मानकर खेतों में रहने लगा था।
नदैया रामपुर गांव के रहने वाले बादशाह को शाहजहांपुर न्यायालय से हत्या के एक मामले में 1991 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। इसके बाद 1992 बादशाह हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बाहर आ गया था। इसके बाद बादशाह कोर्ट की तारीखों पर पेश नहीं हुआ। 24 अगस्त, 2018 को न्यायालय ने उनकी जमानत निरस्त करते हुए सजा के लिए जेल भेजने का आदेश दिया था। तभी से बादशाह फरार चल रहा था।
वह चंडीगढ़ जाकर मजदूरी करने लगा। पुलिस ने अदालत के आदेश पर उसके घर की कुर्की भी कर दी थी। इधर, कुर्की होने के बाद बादशाह अपने गांव लौट आया। वह खेतों में मचान बनाकर रहने लगा। कुछ दिन के बाद वह अपना ठिकाना बदल देता था। उधर, कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए डीजीपी से पत्राचार किया। वहां से एसपी एस. आनंद के पास पत्र भेजा गया। एसपी ने थाना प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता को बादशाह की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित करने के निर्देश दिए थे।
ग्रामीणों को भरोसे में लिया, तब पकड़ में आया
पत्र मिलते ही इंस्पेक्टर धर्मेंद्र गुप्ता ने नदैया रामपुर के लोगों से संपर्क साधा। उनसे बादशाह के बारे में पूछताछ की। पुलिस को लोकेशन मिली कि वह गांव में आने के बजाय खेतों में रहकर जीवन व्यतीत कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसकी घेराबंदी शुरू कर दी। बृहस्पतिवार रात को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बादशाह को गोकुलपुर तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ है। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी के मुताबिक, पुलिस ने कोर्ट के आदेश के क्रम में आरोपी मैकू व बाबू सिंह को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था।
यह है मामला
रामपुर नदैया निवासी बादशाह ने अपने भाई व एक अन्य के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। मामूली बात को लेकर 1989 में गांव के युवक की सुबह आठ बजे हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।