शाहजहांपुर। ककरा में पुराने स्लाटर हाउस में अस्थायी रूप से संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर (एबीसीसी) बंद हो गया है। निर्माणाधीन सेंटर का काम भी बजट के अभाव में रुका है। इस वजह से कुत्तों की नसबंदी नहीं हो पा रही है। ऐसे में शहर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
नगर निगम ने एबीसीसी का निर्माण न्यू सिटी ककरा में डैम वाली रोड पर शुरू करवाया है। साथ ही ककरा में पुराने स्लास्टर हाउस में ही अस्थायी रूप से सेंटर भी खोल दिया गया। शहर के विभिन्न मोहल्लों से कुत्तों को पकड़कर यहां लाना शुरू कर दिया गया। यहां पर उनकी नसबंदी की जाती थी। इसके बाद उन्हें उसी जगह छोड़ दिया जाता था, जहां से पकड़ा जाता है। जबकि उन कुत्तों का इलाज हो रहा था, जो खूंखार होने के साथ लोगों को काट रहे थे।
फरवरी 2024 में पीपल फॉर एनिमल्स की स्थानीय इकाई-2 के सदस्यों ने नगर निगम की ओर से संचालित अस्थायी एबीसीसी का निरीक्षण किया। यहां टीम को गंदगी मिली। साथ ही कुत्तों के बधियाकरण के बाद उनके मुंह पर मास्क ओर कॉलर गार्ड नहीं लगा था। ऑपरेशन के बाद उनके खाने-पीने की उचित व्यवस्था नहीं थी। मौके पर डॉक्टर भी नहीं थे।
बधियाकरण किए गए कुत्तों को एक साथ रखा गया था। टीम ने सुधार के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी से कहा। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को सूचित कर दिया। इसके बाद अस्थायी एबीसीसी को भी बंद कर दिया गया। अब यहां पर ताला पड़ा हुआ है।
दूसरी किस्त नहीं मिली
-न्यू सिटी ककरा में डैम वाली रोड पर एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निर्माण कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के माध्यम से करवाया जा रहा है। संस्था के प्रबंधक रघुवंश राम ने बताया कि एबीसीसी के निर्माण के लिए 1.85 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इनमें से 80 लाख ही आवंटित हुआ था। इससे निर्माण कार्य शुरू करवाया गया था। दूसरी किस्त प्राप्त नहीं होने से निर्माण कार्य बंद हो गया है। 1.5 करोड़ रुपये आवंटित होने का इंतजार किया जा रहा है।
एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के निर्माण और अस्थायी रूप से संचालन के संबंध में पूरी जानकारी नहीं है। मैंने अभी जल्दी ही ज्वाइन किया है। निरीक्षण करके स्थिति की जानकारी लेंगे। उसके बाद समस्या का समाधान कराएंगे।
- डॉ. अंसार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी