निगोही क्षेत्र के गांव हसौआ में प्रतिमा स्थापित करने के विवाद में महिलाओं से वार्ता करने पहुंचे
शाहजहांपुर। पांच दिन पूर्व तिलहर तहसील के हसौआ गांव में अनुमति लिए बगैर डॉ. आंबेडकर और गौतम बुद्ध की प्रतिमाएं स्थापित करने के मामले में प्रशासन अभी तक कोई समाधान नहीं निकाल सका है। सोमवार दोपहर को एडीएम प्रशासन संजय कुमार पांडेय कई अधिकारियों और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, पर ग्रामीणों से उनकी वार्ता बेनतीजा रही।
बुधवार की रात गांव में ग्राम समाज जमीन पर बने चबूतरे पर ग्रामीणों ने दोनों प्रतिमाएं स्थापित कर उस स्थान पर बल्ली लगाकर घेराबंदी कर दी थी। अगले दिन से ही प्रशासनिक अधिकारी और सीओ सदर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि अनुमति लेने की औपचारिकता पूरी करने के बाद ही प्रतिमाएं लगाएं और तब तक उन्हें हटा लें। ग्रामीण इस पर सहमत नहीं हैं।
उनका कहना है कि अनुमति मिलने तक प्रतिमाओं को हटाने के बजाय उसी स्थान पर कपड़े से ढक दिया जाए। पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर रिपोर्ट भी दर्ज कर ली थी। पूरे मामले में गांव के संबंधित टोली का कोई पुरुष अधिकारियों के सामने आकर वार्ता नहीं कर रहा है। महिलाएं ही आगे आ रही हैं। पांच दिन से बने गतिरोध को वार्ता से समाप्त करने के लिए सोमवार को एडीएम प्रशासन अपने साथ एसपी सिटी संजय कुमार, एसडीएम जीत सिंह राय, सीओ सदर प्रयांक जैन, नायब तहसीलदार जगत मोहन जोशी आदि के साथ फिर गांव पहुंचे।
इस दौरान प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह चौहान भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। महिलाओं से काफी देर बात करने के बाद बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। हालांकि, एडीएम का कहना है कि बात कुछ आगे बढ़ी है और जल्दी ही मामला सुलझ जाएगा।