शाहजहांपुर। बाढ़ की चपेट में आने से प्रशासन ने कलान, जलालाबाद और तिलहर तहसील में फसली नुकसान का सर्वे पूरा करा लिया है, लेकिन सदर तहसील में सर्वे शुरू भी नहीं हुआ है।
बाढ़ से सबसे अधिक सदर तहसील के भावलखेड़ा और ददरौल ब्लॉक प्रभावित हुए हैं। इनमें कुल 102 गांव शामिल हैं। प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक 102 में 34 गांवों की सिर्फ आबादी प्रभावित हुई। यहां कृषि भूमि पर असर नहीं पड़ा है।
16 गांव ऐसे हैं, जिनमें आबादी के साथ कृषि भूमि भी प्रभावित हुई है। 36 हजार से अधिक जनसंख्या बाढ़ की चपेट में आई। शहरी क्षेत्र में 18 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए। इन वार्डों में कुल 58,350 जनसंख्या बाढ़ की चपेट में आई। सबसे अधिक क्षति धान की फसल को हुई। प्रशासन ने अभी मोटा आंकड़ा तैयार कर लिया है। जमीनी स्तर पर सर्वे होने पर नुकसान का आकलन सही से हो पाएगा।
प्रशासन ने कहा- एक भी मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त नहीं
प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक एक भी कच्चा और पक्का मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है। आंशिक रूप से 18 पक्के मकान और 32 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। लोधीपुर में एक मकान और एक झोंपड़ी पानी में पूरी तरह बह गई जो कि प्रशासन की रिपोर्ट में शामिल नहीं है।
टीमें गठित कर सर्वे का काम हुआ शुरू
एसडीएम सदर ज्ञानेंद्र नाथ ने बताया कि बाढ़ के नुकसान के लिए सर्वे करने के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। सोमवार को टीमें सर्वे करने भी गईं थीं। निर्देश दिए गए है कि जल्द से जल्द सर्वे रिपोर्ट दी जाए। इससे बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जाए।
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राज्य आपदा मोचक निधि अनुसार दिया जाने वाला मुआवजा
- 15 प्रतिशत से कम नुकसान वाले पक्के मकानों को - 6,500 रुपये
- 15 प्रतिशत से कम नुकसान वाले कच्चे मकानों को- 4,000 रुपये
- पूरी तरह क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए- 1,20,000 रुपये
- बाढ़ में झोंपड़ी बह जाने पर- 8000 रुपये
- छोटे और सीमांत किसानों को प्रति हेक्टेयर- 47,000 रुपये
- दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले किसानों को 8,500 रुपये
तिलहर, कलान और जलालाबाद तहसील में नुकसान का सर्वे हो गया है। सदर तहसील में अभी सर्वे नहीं हुआ है। सदर तहसील में सर्वे के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। सर्वे का काम शुरू हो गया है।
- डॉ. सुरेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व