शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाइवे पर चल रहा बाढ़ का पानी। संवाद
शाहजहांपुर/मिर्जापुर। हाल ही में हुई बारिश के बाद उत्तराखंड और यूपी के बांधों-बैराजों से पानी की निकासी बढ़ा दी गई। इससे गंगा में रविवार को दूसरे दिन भी उफान जारी रहा। नरौरा बैराज से 1.62 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी निकलने से कलान के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर 13 सेमी. बढ़ गया। गंगा के फैलाव लेने से फर्रुखाबाद जिले की सीमा में शमशाबाद-जलालाबाद हाईवे का करीब दो किमी हिस्सा बाढ़ से फिर जलमग्न हो गया है। मिर्जापुर क्षेत्र के करीब छह तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार, नरौरा बैराज से आज गंगा में पानी की निकासी 39 हजार 820 क्यूसेक बढ़कर एक लाख 62 हजार 668 क्यूसेक हो गई है। बताया गया कि बदायूं के कछला घाट पर गंगा खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर 162 मीटर पर बह रही है। जिले की सीमा में गंगा में कछला से होकर पानी आ रहा है। नरौरा से निकले पानी को यहां तक पहुंचने में 36 घंटे लगते हैं। इसलिए गंगा के जलस्तर में अगले दो दिन तक वृद्धि जारी रहने की संभावना है।
नियंत्रण कक्ष के अनुसार बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा 11 सेमी. बढ़ी है, लेकिन अन्य बैराजों से पानी की निकासी 17 हजार 424 क्यूसेक कम होकर 14 हजार 306 क्यूसेक रह गई है। इससे रामगंगा में अगले 24 घंटे में पानी घटने का अनुमान है। रामगंगा के जलस्तर में कमी आने से परौर क्षेत्र के करीब 12 तटीय गांवों पर कोई खतरा नहीं होगा, लेकिन मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा की बाढ़ से हालात बिगड़ सकते हैं। रात करीब 11 बजे से गंगा में उफान बढ़ने के साथ पानी शमशाबाद-जलालाबाद हाईवे पर फिर पहुंच गया।
फर्रुखाबाद जिले की सीमा में चौरा गांव के पास हाईवे पर दो फुट पानी आ गया है। चार पहिया वाहन हाईवे के जलमग्न हिस्से से निकल रहे हैं। इसके बावजूद वहां प्रशासन की ओर से अभी तक जन सामान्य के लिए कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया। बता दें कि चालू मानसून सीजन में इस हाईवे पर तीसरी बार पानी आया है।
गंगा के तटीय गांव पैलानी उत्तरी, कमथरी, चितार, इस्लामनगर और आजादनगर के आसपास के क्षेत्र पानी से घिर रहे हैं। जलस्तर बढ़ने की दशा में इन सभी गांवों के घरों में पानी घुसने की आशंका है, लेकिन तहसील के अधिकारी बाढ़ की आपदा से उदासीन हैं।