सूरज दिन भर उगलता रहा आग, लोग बेहाल
बृहस्पतिवार को दिनभर सूरज आग उगलता रहा। शरीर को झुलसाने वाली धूप की तपिश से बचने के लिए लड़कियां और महिलाएं हाथों में फुल दस्ताने पहनकर और चेहरे पर स्कार्फ या दुपट्टा लपेटकर बाहर निकलीं, फिर भी गर्मी से राहत नहीं मिली। दोपहर को सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा नजर आया। बुधवार देर शाम से तेज हवा चलने पर तमाम लोग पंखे-कूलर की हवा में लेटने के बजाय अपने घर की छत पर चैन की नींद सोए। मगर दिन निकलने पर सूरज जैसे-जैसे आसमान पर चढ़ा, पारा भी उसी तेजी से चढ़ता चला गया। सुबह को गर्मी कुछ कम थी, जिससे लोगों ने सब्जी मंडियों से शाक, भाजी का काम निपटाया। मगर नौकरपेशा को दफ्तर और कारोबारियों के दुकान जाने के समय तक धूप और गर्मी बेहाल करने लगी थी। हालांकि, पिछले दो दिनों की तुलना में तापमान में 2.5 डिग्री सेल्सियस की मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन धूप की तपिश से राहत नहीं मिली और लोग दिनभर पसीने से तर रहे। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार अगले दो-तीन दिन तक तापमान 40 डिग्री से कम होने के आसार नहीं हैं।