गन्ना शोध परिषद में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश भर के वैज्ञानिकों ने शोध कार्यक्रमों पर मंथन किया।
इस मौके पर गन्ना शोध परिषद के निदेशक डा. बीएल शर्मा ने वैज्ञानिकों से कहा कि आप लोगों ने गन्ने में लगने वाले कीटों से बचाव तथा बुवाई की उन्नत तकनीकी विकसित करने मे बेहतर काम किया है, लेकिन गन्ने में लगने वाला रोग जिसे हम गन्ने का कैंसर कहते हैं इससे बचाव के लिए उपाय किए जाने की आवश्यकता है। डा. शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि शोध परिषद द्वारा विकसित की गयी नई तकनीकी को किसानों तक त्वरित गति से पहुंचाने की जरुरत है। इससे किसान लाभांवित हो सकें। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डा. एसएन सिंह ने कहा कि शोध परिषद के वैज्ञानिकों द्वारा बहुत ही बेहतर कार्य किया जा रहा है। भविष्य के लिए प्रस्तावित शोधों से निश्चय ही गन्ने की खेती में चमत्कारिक परिवर्तन आयेगा। बैठक में डा. एमआर सिंह, डा. मोहनलाल, डा. अशोक कुमार, डा. एसए रानाडे ने भी विचार रखे। इस मौके पर प्रक्षेत्र अधीक्षक वीसी जादौन को प्रक्षेत्र पर उत्कृष्ट कार्यो के लिए पुरस्कृत किया गया। अंत में परिषद के निदेशक ने सभी का आभार व्यक्त किया।