शाहजहांपुर/ जैतीपुर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के नाम पर स्वास्थ्य विभाग लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। प्रचार-प्रसार के अभाव में अब मरीज भी नहीं आ रहे। शहरी इलाकों में अधिकतर पीएचसी पर फार्मासिस्ट ही व्यवस्था संभाल रहे हैं।
जैतीपुर की पीएचसी खेड़ा रठ में रविवार को आरोग्य मेला लगाने के नाम पर मात्र चैनल का ताला खोल दिया गया। 11:53 बजे तक स्टाफ नहीं आया था। पीएचसी पर बसेड़ा भगवानपुर, अगरोली, नवादा, बंडिया कला, बंडिया खुर्द आदि से लोग दवा लेने आते हैं। स्टाफ के नहीं आने से दवा लेने आए मरीजाें को मायूस होकर लौटना पड़ा। सीएचसी प्रभारी मोहम्मद शजर ने बताया कि सीएचसी पर मेले का आयोजन हुआ है। फार्मासिस्ट के बेटे की तबीयत खराब होने के चलते देरी से पहुंचे थे।
सीएचसी के गेट पर जलभराव
कांट। सीएचसी कांट पर रविवार को मेले में दोपहर तक 80 मरीजों का परीक्षण कर दवाएं देने का दावा किया गया। अस्पताल गेट पर जलभराव होने के चलते मरीजों को दुश्वारियाें से दो-चार होना पड़ा। मरीजों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। संवाद
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काफी कम आए मरीज
जलालाबाद। गांव कटेली व चौकी आजमपुर स्थित पीएचसी पर रविवार को आयोजित आरोग्य मेले में काफी कम मरीज पहुंचे। आरोग्य मेले में करीब एक दर्जन मरीजों का पंजीकरण किया गया। इसमें ज्यादातर खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज थे। चौकी आजमपुर में भी दस मरीज देखे गये। मेले में ज्यादा मरीज ना पहुंचने का कारण लोगों को जानकारी का अभाव था। संवाद
26 मरीजों को दवा दी गई
परौर। एडिशनल पीएचसी में मुख्यमंत्री आयुष्मान मेले में 26 मरीजाें का परीक्षण किया। एलटी सुनील कुमार ने खांसी, बुखार, सर्दी, खुजली के 26 मरीजों का उपचार किया। संवाद
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- प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर मेला लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में जैतीपुर के एमओआईसी से जानकारी करेंगे। मेले के प्रचार-प्रसार के लिए चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया जाएगा।
डॉ. मोहम्मद आसिफ, नोडल अधिकारी