- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के कटे ओंठ और तालू का कराया उपचार
- तीन मूक-बधिर बच्चों की नि:शुल्क सर्जरी कर उन्हें बोलने और सुनने योग्य बनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्माइल ट्रेन संस्था के सहयोग से कटे-फटे ओंठ और तालू के पांच बच्चे उपचार के लिए भेजे गए थे। इसके अलावा तीन मूक-बधिर बच्चों की नि:शुल्क सर्जरी कर उन्हें सुनने और बोलने योग्य बनाया गया।
सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात विकृति वाले बच्चों को चयनित कर स्माइल ट्रेन संस्था के सहयोग से उपचार कराया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. गोविंद स्वर्णकार ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात दोष वाले बच्चों को चिह्नित कर नि:शुल्क इलाज के लिए भेजा जाता है। इसके अलावा डीईआईसी सेंटर के माध्यम से बच्चों में जन्मजात दिल का छेद, कम सुनना, अस्थि रोग, पैर का घूमा हुआ होना जैसी करीब 48 प्रकार की जन्मजात बीमारियों का इलाज भी नि:शुल्क कराया जा रहा है।
वर्ष 2022-23 के आंकड़े
- 34565 बच्चों ने राजकीय प्रसव केंद्रों पर जन्म लिया।
- 63 नवजात जन्मजात दोष से ग्रस्त पाए गए।
- 25892 शिक्षकों का एचबीएनसी के जरिये स्वास्थ्य परीक्षण हुआ
- 11 बच्चों में परीक्षण के बाद जन्मजात दोष पाया गया।