शाहजहांपुर। गेहूं खरीद लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 22.53 फीसदी हो पाई है। क्रय केंद्रों में आवक कम होने से सन्नाटा पसरा हुआ है। खुले बाजार में गेहूं के भाव अधिक होने से किसान अपनी फसल आढ़तों पर बेचना पसंद कर रहे हैं।
क्रय केंद्रों पर खरीद बहुत कम हो रही है। वर्तमान में खरीद का लक्ष्य पूरा करना प्रशासन के लिए संभव नहीं लग रहा। जिले में गेहूं खरीद के लिए एक मार्च को 203 क्रय केंद्र बनाए गए थे। खरीद का खाता अप्रैल में खुल सका था। रोजा मंडी समिति में मंगलवार को 4200 क्विंटल आवक हुई थी। इसमें केवल 526 क्विंटल खरीद क्रय केंद्रों पर हुई। खुले बाजार में 2320 से 2330 रुपये प्रति क्विंटल खरीद हुई। इसी वजह से अधिकतर गेहूं किसानों ने आढ़त पर ही गेहूं बेच दिया।
रोजा मंडी समिति में अब तक 6,25,060 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। इसमें 1,01629 क्रय केंद्रों पर खरीद हुई है। शेष आढ़तों पर बिका है।
किसानों ने महंगा होने तक रोका गेहूं
रोजा मंडी समिति आढ़त के अध्यक्ष उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि जिन किसानों को पैसों की जरूरत थी, उन किसानों ने तो गेहूं तुरंत बेच दिया। जनपद में करीब 60 प्रतिशत गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसमें प्राइवेट और सरकारी दोनों शामिल हैं। अनुमान के मुताबिक, करीब 40 प्रतिशत किसानों ने भाव बढ़ने के बाद गेहूं बेचने के लिए रोक लिया है। इसलिए आवक कम हो गई है। खुले बाजार में किसान को समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिल रहे हैं इसलिए वे खुले बाजार में गेहूं की बिक्री कर रहा है।
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वर्तमान में सरकारी गेहूं खरीद की स्थिति
- गेहूं खरीद का लक्ष्य- 311000 मीट्रिक टन
-अभी तक हुई खरीद- 70069.715 मीट्रिक टन
- लक्ष्य के सापेक्ष खरीद की स्थिति- 22.53 फीसदी
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पिछले वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष मात्र एक प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो पाई थी। प्रयास अब भी जारी है कि लक्ष्य के करीब पहुंचा जा सके। इसके लिए टीमों को लगाया गया है, जो किसानों को क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए प्रोत्साहित कर रहीं हैं।
- राकेश मोहन पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी