शाहजहांपुर। मिर्जापुर क्षेत्र में ढाईघाट कार्तिक मेला शुरू होने के दूसरे दिन भी आफीसर्स कॉलोनी में लगे टेंट खाली पड़े रहे। कोलाघाट पैंटून पुल के नहीं बनने से मेले में दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु और दुकानदार भी बहुत कम आए हैं। जो दुकानदार मेले में आ गए हैं, वह तहबाजारी की बढ़ी दरों की वसूली से परेशान हैं। उनका कहना है कि कोलाघाट पुल चालू नहीं होने से वह ज्यादा किराया खर्च कर मेले में फर्रुखाबाद होकर दुकानें लेकर पहुंचे हैं, श्रद्धालु कम आए तो बिक्री से खर्च निकलना मुश्किल हो जाएगा।
शुक्रवार से ढाईघाट में कार्तिक मेला शुरू हो चुका है, लेकिन जिला पंचायत प्रशासन मेला व्यवस्थाओं को अंतिम रूप नहीं दे सका है। मेले की आफीसर्स कॉलोनी में जिला पंचायत अध्यक्ष, अपर मुख्य अधिकारी, डीएम, एसपी, सीडीओ, एसडीएम, सीओ व क्षेत्रीय विधायक के कैंप कार्यालय सभी आधुनिक सुख सुविधाओं से लैस हो चुके हैं, लेकिन आज इनमें से कोई नहीं पहुंचा। मेले में सफाई के लिए लगाए गए 25 सफाईकर्मी सुबह-शाम आफीसर्स कॉलोनी और जिला पंचायत के कैंप कार्यालय की सफाई कर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं।
मेले की रेतीली सड़कों पर टैंकर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। गंगा घाटों तक बिजली की लाइन बनाई जा रही है। दुकानदार अपनी दुकानें लगाने में जुटे हैं, लेकिन वह श्रद्धालुओं की नगण्य संख्या देखकर मायूस हैं। कई दुकानदार दो वर्ष कोरोना लॉकडाउन के बाद लग रहे मेले में तहबाजारी की दरें बढ़ाने से परेशान हैं। मेले में मनोरंजन के लिए बड़े झूले, चरखी, मिक्की माउस आदि तैयार हो गए हैं लेकिन खेल-तमाशे वाले वाले भी मेला आने वाले लोगों की कम संख्या से आहत हैं।