पहले दिन हुई मां शैल पुत्री की आराधना
शुक्रवार को वासंतिक चैत्र नवरात्र श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में शुरू हो गए। घरों और मंदिरों में मां दुर्गा के भक्तों ने नवरात्र के पहले दिन मां भगवती के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री का आवाहन कर उनकी विधि विधान से स्तुति की और सुख-संपत्ति की कामना की। नवरात्र के पहले दिन हिंदू समाज के अधिकांश महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उपवास रखकर मां दुर्गा की पूजा अर्चना की। यहां तक कि बच्चे भी उपवास रखने में पीछे नहीं रहे। सुबह से ही घरों में घट स्थापना की तैयारियां जोरशोर सेे चलने लगी थीं। स्नानादि से निवृत्त होकर महिलाओं और पुरुषों ने देवी भगवती के मंडप में कलश स्थापना की और पूजा-अर्चना के बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। इसके बाद मंदिरों में पहुंचकर मां भगवती के दर्शन किए। बिसरात स्थित मां काली मंदिर, मंडी स्थित श्री दुर्गा मंदिर, बाबा विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन हनुमान मंदिर, श्री बृजेश्वर धाम मंदिर, आनंदेश्वर मंदिर, मनोकामेेश्वर मंदिर, श्री दुर्गा रतन मंदिर आदि देवालयों में महिलाओं ने देर शाम तक छंद और गीत गाकर मां भगवती का गुणगान किया। नवरात्र पर मंदिरों में भव्य सजावट भी की गई है। बड़े मंदिरों में सुरक्षा के भी प्रबंध किए गए हैं।