- तिलहर थाने पर खड़ी एसटीएफ के वाहन पर लगी गोली की जांच करते संयुक्त निदेशक और उनकी टीम। संवाद
तिलहर। एक लाख के इनामी बदमाश शाहनूर उर्फ शानू के एनकाउंटर के मामले में बुधवार को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक ने पहुंचकर जांच की। मुठभेड़ का सीन बनाने के साथ ही वाहन पर लगी गोली का बारीकी से निरीक्षण किया। विवेचक क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर से भी पूछताछ की गई है।
18 जुलाई की रात को मुरादाबाद के मैनाठेर थाने के वांछित एक लाख के इनामी शाहनूर उर्फ शानू को थाना मदनापुर क्षेत्र में एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी की थी। शानू को बाइक से भागते हुए एसटीएफ की टीम ने तिलहर के गांव पिथनापुर के पास शारदा नहर की पटरी पर भागते हुए गोली मारकर ढेर कर दिया था। मामले में तिलहर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। केस की विवेचना क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह कर रहे थे। बुधवार को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला के संयुक्त निदेशक डॉ.अजय के नेतृत्व में टीम यहां पहुंची। टीम ने मौका-मुआयना करते हुए मुठभेड़ का सीन क्रियेट किया। इसके बाद थाने पर खड़ी एसटीएफ की गाड़ी पर की गई गोलीबारी के निशान देखा, साथ ही बारीकी से निरीक्षण किया। संयुक्त निदेशक ने एसटीएफ बरेली यूनिट के सीओ अब्दुल कादिर और क्राइम ब्रांच के विवेचक वीरेंद्र सिंह से मामले की पूछताछ की।