शाहजहांपुर। द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र नाथ पांडेय ने गैरइरादतन हत्या के एक मुकदमे में तीन सगे भाइयों को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पिता की मुकदमे के दौरान मौत हो गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार परौर क्षेत्र के गांव नौगवां निवासी रामबहोरन ने नौ अगस्त 2014 को थाने में सूचना दी कि उसका और उसके भाई आशाराम, भतीजे सत्यवीर, गजेंद्र और सत्यशील का खेत एक है। वे लोग पूरा खेत जोतने लगे। इस पर रामबहोरन ने ऐसा करने से मना किया। इसी बात से नाराज होकर उन लोगों ने लाठी-डंडे से रामबहोरन को पीटा।
जिला अस्पताल से बरेली ले जाते समय रामबहोरन की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद पुलिस ने मामला आईपीसी की धारा 304 में तब्दील कर दिया। गवाहों के बयानात और सरकारी वकील उमेश चंद्र अग्निहोत्री के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने सत्यवीर, गजेंद्र और सत्यशील को दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया। आशाराम की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। संवाद