शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश अपर्णा त्रिपाठी ने पिता पर जानलेवा हमला करने के मुकदमे में एक दोषी को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, निगोही थाना क्षेत्र के गांव बिरासिन निवासी कप्तान सिंह ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी तीन बीघा जमीन बेचकर सारे रुपये अपने बेटे अंकुश उर्फ लखीमचंद्र और पत्नी माया देवी को दे दिए थे। वे लोग बची हुई जमीन उन लोगों के नाम करने का दबाव बना रहे थे। उसने कहा कि उसके मर जाने पर सबकुछ तो उन लोगों का ही है। उसके ऐतराज जताने पर बेटे अंकुश और पत्नी माया ने उसे खाना नहीं दिया और थप्पड़ मारे। बड़े बेटे खान सिंह ने कहा कि घर से निकल जाओ। वह शाम को अपने खेत में सोने के लिए चला गया।
22 अप्रैल 2019 की सुबह करीब साढ़े पांच बजे बेटे खान सिंह, पत्नी माया देवी ने उसे पकड़ लिया और बेटे अंकुश ने तमंचे से गोली मार दी। गोली उसके सीने में दाहिनी ओर लगी। आसपास के लोगों के आने पर वे लोग भाग गए। उसके मौसेरे भाई ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील राजीव अवस्थी के तर्कों को सुनकर अपर सत्र न्यायाधीश ने अंकुश को दोषी पाते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई। बेटे खान सिंह और पत्नी माया देवी को दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।