पुवायां। सीएचसी पर घायलाें और रोगियों की जान से किस कदर खेला जाता है, इसका उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला। गंभीर घायल युवक का काफी बड़ा घाव खुला होने और खून बहने के बाद भी उसे इमरजेंसी के गंदे फर्श पर लिटा दिया गया। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका है।
गांव कहमारा निवासी छोटे पैदल पुवायां आ रहे थे। नाहिल रोड पर अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर भीड़ लग गई। छोटे को एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया। सीएचसी पर भारी लापरवाही बरतते हुए छोटे को इमरजेंसी कक्ष में गंदे फर्श पर लिटा दिया गया। दर्द से तड़प रहे छोटे को टेबल पर लिटाकर ठीक से इलाज करने की जरूरत नहीं समझी गई। बाद में छोटे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इस बारे में सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि छोटे दर्द से चिल्ला रहा था, वह बेंच से गिर सकता था, इस कारण उसे जमीन पर लिटाया गया था। जबकि, इमरजेंसी कक्ष में तीन ट्रेनी फार्मासिस्ट थे। वह छोटे को क्यों नहीं रोक सकते थे। गंदे फर्श से छोटे के घाव में संक्रमण हो गया तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। यदि रोगी के साथ तीमारदार नहीं होंगे तो क्या उसे फर्श पर लिटाकर इलाज किया जाएगा?
कुछ दिन पहले बीपी मशीन में नहीं मिले थे सेल
सीएचसी पर लापरवाही और अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि कुछ दिन पूर्व ब्लड प्रेशर की दवा लेने गए गांव सिरखिड़ी के सुरेश कुमार का आधे घंटे तक इंतजार के बाद भी बीपी चेक नहीं हो सका था। कारण था कि बीपी चेक करने की मशीन में सेल ही नहीं थे। सीएचसी अधीक्षक के कहने के बाद भी फार्मासिस्ट ने सेल मुहैया नहीं कराए थे।
घायल दर्द से चिल्ला रहा था। उसके साथ परिजन नहीं थे, बेंच से नीचे गिरने का डर था, इस कारण नीचे लिटाया गया था। बाद में उसे टेबल पर लिटाया गया था और रेफर कर दिया गया था।
डॉ. नरेंद्रपाल, अधीक्षक सीएचसी पुवायां
यदि घायल को फर्श पर लिटाया गया है तो सीएचसी अधीक्षक से जानकारी की जाएगी और मामले की जांच कराई जाएगी।
डॉ. आरके गौतम, सीएमओ
पुवायां सीएचसी के इमरजेंसी कक्ष में फर्श पर पड़ा घायल छोटे। संवाद