शाहजहांपुर। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरकार की योजनाएं लोगों तक सही ढंग से पहुंच रही हैं या नहीं, समय-समय पर इसकी जांच जनप्रतिनिधियों को करनी चाहिए। रविवार को गांधी जयंती पर विनोबा सेवा आश्रम पहुंची राज्यपाल ने जनप्रतिनिधियों को यह सलाह देने के साथ ही गांधी प्रतिमा का अनावरण किया, सूत काता और सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया।
पूर्वाह्न 11 बजे बरतारा स्थित विनोबा सेवा आश्रम में आयोजित स्त्री शक्ति सम्मेलन में पहुंचीं राज्यपाल ने कहा कि विकास योजनाओं का गांव तक पहुंचना जरूरी है। जनप्रतिनिधि इस बात का ख्याल रखें कि उनके क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी व अन्य केंद्रों में योजनाओं का कितना लाभ पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री हर गांव या घर में नहीं जा सकते। विधायक से लेकर प्रधान तक एक चैनल होता है जिसे योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सक्रिय होना चाहिए। अधिकारियों के साथ ही यह उनकी बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि भले ही खेत पर काम करने वाली हो लेकिन हर महिला में कुछ करने का जज्बा होता है। कई बार उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि कैसे-क्या किया जाए। स्वयंसेवी संस्थाएं और स्वयं सहायता समूह के जरिये वे स्वावलंबी हो सकती हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीदारी करने का लोगों से आह्वान किया। कहा कि हाथ से बनाई वस्तुओं में कला भी छिपी होती है। यह हमारी विरासत है। अगर हम इनकी उपेक्षा करेंगे तो यह लुप्त हो जाएंगी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के कौशल को निखारने के लिए पढ़े-लिखे युवाओं से भी अपील की। राज्यपाल ने कहा कि गांधी जी के विचार और आदर्श आज पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। आश्रम द्वारा महिलाओं को विविध उत्पादन कार्यों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर करने के कार्य पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने कहा कि गांधी जयंती के दिन महिला सशक्तीकरण को मजबूत करते हुए ‘ग्रामश्री स्वावलंबन केंद्र’ की शुरुआत एक अच्छी पहल है। समारोह में आनंदीबेन पटेल ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। इससे पूर्व समारोह को कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, जितिन प्रसाद, विनोबा सेवा आश्रम के संस्थापक रमेश भइया ने भी संबोधित किया।
गांधी की प्रतिमा का किया अनावरण, सूत काता
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का हेलिकॉप्टर रिलायंस थर्मल पॉवर पर बने हेलिपैड पर सुबह साढ़े दस बजे उतरा। राज्यपाल के साथ लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद भी थे। यहां फूल देकर उनका स्वागत विधायक मानवेंद्र सिंह, एडीजी राजकुमार, आईजी रमित शर्मा, डीएम उमेश प्रताप सिंह और एसपी एस. आनंद ने किया। इसके बाद राज्यपाल की फ्लीट बरतारा स्थित विनोबा सेवा आश्रम पहुंची। राज्यपाल ने प्रशासनिक भवन स्थित विनोबा भावे की जीवन दर्शन प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां संचालित वृद्धाश्रम में व्यवस्था को देखा। उन्होंने सूत यज्ञ समारोह में जनप्रतिनिधियों के साथ स्वयं सूत काता। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान महात्मा गांधी पर रचित काव्य प्रवाह का विमोचन भी किया। राज्यपाल ने ग्राम श्री संस्था के मार्गदर्शन में स्वावलंबन गतिविधियों का शुभारंभ किया। आश्रम की ओर से राज्यपाल के 28 वर्षीय राजनीतिक सफर पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई। 21 स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से राज्यपाल का स्वागत किया गया। वहीं महात्मा गांधी के नाम पर संचालित पांच संस्थाओं का राज्यपाल ने सम्मान किया।
जयप्रभा कुटीर में सेवाधाम का किया लोकार्पण
विनोबा सेवा आश्रम में कार्यक्रम के बाद राज्यपाल छीतेपुर गांव पहुंचीं। यहां पर उन्होंने जयप्रभा कुटीर में सेवाधाम का लोकार्पण किया। निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन एवं वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र दिए। उन्होने 11 महिलाओं को साड़ियां भी भेंट कीं। इसके बाद पौने पांच बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल हेलिकॉप्टर से वापस लखनऊ चली गईं।