पुवायां। जैतीपुर में भी हैंडपंप रीबोर के नाम पर गड़बड़ी की आशंका है। लोकायुक्त से शिकायत के बाद डीएम ने जांच टीम गठित की थी, लेकिन अब तक जांच शुरू ही नहीं हो पाई। बताया जा रहा है कि कई ग्राम सचिव फंसने के डर से रीबोर किए हैंडपंपों की सूची ही उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
बंडा के रामप्रवेश शुक्ला ने 25 सितंबर को जैतीपुर क्षेत्र में कराए गए रीबोर हैंडपंपों के मामले में घोटाले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने 10 जनवरी को डिप्टी कलक्टर दुर्गेश यादव के नेतृत्व में जल निगम निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता कपिल एम सिंह और वरिष्ठ कोषाधिकारी की टीम गठित कर निर्देश दिए थे कि 18 जनवरी तक जांच कर रिपोर्ट दी जाए, जिससे लोकायुक्त कार्यालय को आख्या भेजी जा सके।
जांच टीम के सदस्य अधिशासी अभियंता ने जैतीपुर के बीडीओ को 12 जनवरी को पत्र भेजकर रीबोर कराए हैंडपंपों की सूची मांगी थी, जो अभी तक मिली नहीं। इसके बाद 29 जनवरी काे फिर सूची मांगी गई। इधर, बीडीओ ने दो फरवरी को ब्लॉक क्षेत्र में कार्यरत ग्राम पंचायत अधिकारियों को पत्र जारी कर सूची देने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक दो जगह से ही सूची बीडीओ को प्राप्त हुई है। अन्य सचिवों ने सूची बीडीओ को नहीं दी है। इससे जांच नहीं हो पा रही है।
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इसलिए नहीं दे रहे जानकारी
सूत्र बताते हैं कि ग्रामसभा नए हैंडपंप नहीं लगवा सकती, लेकिन कुछ जगह नेताओं के दबाव में नए हैंडपंप लगवा दिए और खर्च रीबोर में दर्शा दिया। इस कारण रीबोर की सूची देने पर पुरानी मशीनरी और स्थल नहीं मिलेगा। इससे ग्राम पंचायत अधिकारियों का फंसना तय है। यही कारण है कि सचिव सूची ही नहीं दे रहे।
ग्राम विकास अधिकारियों को पत्र जारी किया था। अभी तक केवल दो सचिवों ने ही रीबोर हैंडपंप की सूची दी है। रिपोर्ट मिलते ही जांच टीम को उपलब्ध करा दी जाएगी।
कुलदीप सक्सेना, प्रभारी बीडीओ जैतीपुर
हैंंडपंप रीबोर की सूची के लिए दो पत्र बीडीओ को भेजे जा चुके हैं। अभी तक सूची नहीं मिली है। अभिलेख मिलने पर ही जांच शुरू हो पाएगी।
-कपिल एम. सिंह, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड जल निगम शाहजहांपुर