कलेक्ट्रेट में बैठक के दौरान डीएम व अन्य अधिकारी। सूचना विभाग
शाहजहांपुर। कलक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति एवं गंगा समिति की बैठक में कांट और जलालाबाद के अधिशासी अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर डीएम उमेश प्रताप सिंह ने नाराजगी जताई। उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने एमआरएफ सेंटर के संचालन एवं अपशिष्ट निस्तारण के संबंध में सभी अधिशासी अधिकारियों से जानकारी ली। निर्देश दिए कि जिन एमआरएफ सेंटरों पर कनेक्शन नहीं हैं, उनमें सोलर प्लांट लगाया जाए और उनका निरीक्षण करें। कूड़ा क्रय संस्थाओं से बात कर अगली बैठक में सफल माॅडल प्रस्तुत करें। डीएम ने कलान क्षेत्र में एमआरएफ सेंटर बनाने के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए। प्लास्टिक अपशिष्ट का निस्तारण, ई-अपशिष्ट का निस्तारण एवं जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण की समीक्षा में खराब प्रगति वाले अधिकारियों का सुधार लाने की हिदायत दी। नगर निगम की ओर से नियमानुसार पाॅलीथिन जब्त करने व जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। एसटीपी के संबंध में समीक्षा करने के लिए नगर आयुक्त को पत्र भेजने का निर्देश भी दिया। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी की ओर से किए गए कार्यों पर असंतुष्टि जताई और सुधार लाने के लिए कहा। गोमती नदी में अवरोधों को हटाने, ईंट भट्ठों पर प्रदूषण आदि की जांच करने, जलालाबाद रोड पर हाईवे किनारे डंप किए जाने वाले कूड़े को सही तरह से निस्तारित करने के लिए कहा। इस मौके पर सीडीओ एसबी सिंह, डीएफओ प्रखर गुप्ता आदि मौजूद रहे।