शाहजहांपुर में मुमुक्षु महोत्सव पर निकाली गई संत यात्रा। संवाद
शाहजहांपुर। मुमुक्षु महोत्सव के तहत शुक्रवार को धर्म यात्रा एवं संत सम्मेलन का संयोग बना। हिमालय से आए 108 साधु-संतों, तपस्वियों की धर्मयात्रा शु्क्रवार को शहर में निकली। शहरवासियों ने दर्शन करने के साथ संतों पर फूूलों की वर्षा की और आशीर्वाद लिया।
यात्रा धर्मशाला बाबा विश्वनाथ मंदिर से प्रारंभ हुई। इससे पहले महामंडलेश्वर हरिहरानंद सरस्वती, स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती का पूजन व माल्यार्पण आरएसएस के महानगर प्रचारक मंजीत, महानगर कार्यवाह धर्मेंद्र और विभाग संपर्क प्रमुख ईशपाल ने किया। इस धर्म यात्रा को महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद, आचार्य जितेंद्र नाथ एवं स्वामी जितेंद्र सरस्वती आदि संतों का आशीर्वाद मिला। धर्मयात्रा बाबा विश्वनाथ मंदिर से निकलकर सदर बाजार, घंटाघर, चौक, चार खंबा होते हुए मुमुक्षु आश्रम में पहुंची। रास्ते में जगह-जगह व्यापारियों, छात्र संगठनों द्वारा स्वागत किया गया। यात्रा का संयोजन डॉ. आलोक कुमार सिंह ने किया।
इस यात्रा के बाद संत सम्मेलन का आरंभ स्वस्तिवाचन के साथ हुआ। संत सम्मेलन की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती तथा संचालन महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती ने किया। समारोह में साध्वी भक्ति प्रभा ने रामचरितमानस के महत्व पर प्रकाश डाला और मनमोहक भजन सुनाए। गुरुप्रसाद ने बताया कि रामचरितमानस का प्रत्येक अक्षर मंत्र है। दंडी स्वामी आचार्य जितेंद्र नाथ ने सनातनियों को जागरण तथा आचार्य जितेंद्रनाथ ने सार भूत राम के जन-जन में व्याप्त होने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
संत सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे स्वामी हरिहरानंद ने कहा कि धर्म की रक्षा के लिए सभी को आगे आना होगा तभी हमारी रक्षा धर्म कर सकेगा। चिन्मयानंद सरस्वती के जन्मदिवस पर साधु-संतों व उपस्थित लोगों ने शुभकामनाएं दीं।