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फलों के लिए रोजा मंडी दौड़ी गुरुजी की सवारी

Sun, 03 Jul 2016 11:38 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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 यदि मौसम मेहरबान रहा तो चार जुलाई अर्थात सोमवार को परिषदीय, सहायता प्राप्त और राजकीय स्कूलों तथा मदरसों में अध्ययनरत कक्षा आठ तक के बच्चों को सुबह फल वितरित किए जाएंगे। शासनादेश और बीएसए के आदेशों का पालन करते हुए गुरुजनों ने अनमने मन से ही सही, लेकिन रोजा मंडी तथा बाजार के अन्य हिस्सों में अपनी मोबाइक दौड़ाई, ताकि समय से फलों की खरीद की जा सके। शासन की व्यवस्था को कोसते हुए शिक्षकों ने फलों की पेटियां मोबाइक पर बांधीं और घर की ओर चले गए। अब ये पेटियां लेकर उन्हें सुबह स्कूल पहुंचना है। फल वितरण की व्यवस्था प्रत्येक सोमवार को होनी है, यदि सोमवार को अवकाश आदि के कारण स्कूल बंद रहता है तो उसके अगले दिन फल बांटने के निर्देश दिए गए हैं। सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत मिडडे-मील में बच्चों को सुबह के नाश्ते में एक-एक मौसमी फल देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि शासन से फल वितरण का बजट प्राप्त हो गया है जो स्कूल खातों में भेजा जा रहा है। इस संबंध में कई शिक्षकों से बात की गई। शिक्षकों ने बड़े ही अनमने मन से बताया कि शासन और अपने अधिकारी के फरमान का पालन भी करना है और नौकरी भी चलानी है, इसलिए फिलहाल उन्होंने फलों की व्यवस्था जरूर की है। कोई आम की पेटी लाया, तो कोई नाशपाती प्रजाति का फल चुसकी लेकर घर पहुंचा। अधिकांश शिक्षकों ने केले ले लिए हैं। चूंकि सेव के दाम लगभग सौ रुपये किलो के हैं, लिहाजा सेव की ओर किसी ने देखा तक नहीं। देहात के इंटीरियल क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात शिक्षक खासे परेशान हैं कि इतने फल लेकर कैसे स्कूलों तक पहुंचा जाए। अब देखना है कि सोमवार को इंद्रदेव की कृपा किस स्तर की रहती है। पहले दिन फल वितरण को जश्न के रूप में बांटने के भी निर्देश हैं। यानी जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, क्षेत्रीय गणमान्य नागरिकों को बुलाकर बच्चों को फल दिलाए जाएंगे।
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