शाहजहांपुर। निगोही क्षेत्र के हसौआ गांव में बिना अनुमति के डॉ. आंबेडकर और गौतम बुद्ध की प्रतिमाएं स्थापित करने पर पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर शुक्रवार को दस नामजद और 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लेखपाल चंचल ने निगोही थाने में एफआईआर दर्ज कराई है कि हसौआ गांव में राजस्व अभिलेख में बंजर भूमि में दर्ज जमीन पर पूर्व से चबूतरा बना हुआ है।
17-18 सितंबर की आधी रात को पिंटू, रजनीश, अतेश, सर्वेश, सतीश, राजीव, बालकराम, रामवीर, राजू, रामदुलारे और श्रीराम व 40-50 अज्ञात लोगों ने बिना प्रशासन की अनुमति के बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और भगवान बुद्ध की प्रतिमा रख दी थीं। 19 सितंबर को सुबह ग्रामीणों से सूचना मिलने पर वह जांच के लिए गईं।
इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। तहसीलदार, नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उन्हें बताया गया कि प्रतिमाओं को प्रधान के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर संबंधित अधिकारी से अनुमति प्राप्त कर स्थापित करें। तब तक प्रतिमाओं को सुरक्षित स्थान पर रखवा दें। इस पर वे लोग विरोध पर उतारू हो गए। उग्र होकर महिलाओं को आगे कर सरकारी कार्य में बाधा डालने लगे। हाथों में लाठी-डंडे व ईंट-पत्थर लेकर राजस्व व पुलिस टीम पर हमलावर हो गए।
लेखपाल के मुताबिक वे लोग सार्वजनिक संपत्ति को खुर्दबुर्द करने के इरादे से जानबूझकर अवैध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित करना चाहते हैं। इससे शांतिभंग की संभावना भी बनी हुई है। सीओ प्रयांक जैन ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। इससे पहले बृहस्पतिवार को देर रात तिलहर के एसडीएम जीत सिंह राय और सीओ प्रयांक जैन गांव पहुंचे थे। तब भी उन्हें ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।