शाहजहांपुर। प्रथम फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश मोहम्मद कमर ने दुष्कर्म के दोषी को दस साल के कारावास की सजा से दंडित किया है। इसी मुकदमे के दूसरे आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सिंधौली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 2010 को वह और उसकी बेटी घर में सो रहे थे। रात में उसकी बेटी को गांव का वेदप्रकाश ले गया था। उसने बेटी की तलाश की लेकिन वह नहीं मिली। विवेचक ने विवेचना के बाद वेदप्रकाश और सोनू सिंह के खिलाफ अलग-अलग आरोप पत्र अदालत में भेजा था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने वेदप्रकाश को दुष्कर्म का दोषी माना। उसे दस साल के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया। सोनू सिंह को दोषमुक्त कर दिया।
वहीं एक दूसरे मामले में छेड़छाड़ के दो दोषियों को अदालत ने चार-चार साल की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता राजीव अवस्थी और संजीव कुमार सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति ने कटरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 29 जून 2016 को उसकी बेटी आंगन में सो रही थी। तभी घर में घुसकर गांव के उपदेश ने उससे छेड़छाड़ की। पुत्री के विरोध करने पर वादी और उसकी पत्नी ने शोर मचाया तो उपदेश भाग गया। उन लोगों ने देखा कि उपदेश के साथ गांव का उमेश भी था। पुलिस ने उपदेश और उमेश के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट पिंकू कुमार ने उपदेश और उमेश को दोषी पाया। दोनों को चार-चार साल की सजा और छह-छह हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।