अल्हागंज के गांव बजीरपुर में बर्बाद हुई फसल। स्रोत: जागरुक पाठक
शाहजहांपुर। जिले से होकर बहने वाली गंगा, रामगंगा समेत सभी नदियों के जलस्तर में रविवार को भी कमी गई। इसके बावजूद कलान व जलालाबाद तहसील क्षेत्र के तटीय गांवों में बाढ़ से जुड़ी दिक्कतें पीछा नहीं छोड़ रही हैं।
फर्रुखाबाद जिले की सीमा में स्थित जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर लगातार दूसरे दिन 44 सेमी घट गया। इसके बावजूद नदी खतरे के निशान से सिर्फ तीन सेमी नीचे 137.27 मीटर पर है। इस कारण आसपास के कई गांव चौतरफा बाढ़ से घिरे हैं। कई दिन से जलमग्न फसलें सड़ने की आशंका है।
बता दें कि गत सप्ताह नदियों में उफान बढ़ने पर रामगंगा डबरी घाट पर खतरे के निशान से 1.04 मीटर ऊपर पहुंच गई थी। कलान तहसील के भैंसार बांध पर गंगा 15 सेमी घट गई है। जलालाबाद व परौर क्षेत्र के तटीय गावों से नदी का फासला बढ़ने लगा है। इधर, शहर के पास बह रहीं गर्रा में 30 सेमी और खन्नौत में 25 सेमी पानी कम हो गया है। इससे शहरी क्षेत्र में दोनों नदियों के तट पर बसे मोहल्लों व काॅलोनियाें से बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल चुका है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बदायूं के कछला घाट से बताया गया कि वहां दो दिन से उतार पर चल रही गंगा का जलस्तर आज दो सेमी बढ़ गया। वहां का पानी 36 घंटे बाद यहां पहुंचने पर भैंसार बांध पर उफान बढ़ सकता है। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर के अनुसार काफी चौड़ाई में बहने वाली गंगा में दो सेमी की वृद्धि से भैंसार बांध के जलस्तर में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी। उन्होंने बताया कि नरौरा बैराज से गंगा और अन्य बैराजों से रामगंगा में पानी की निकासी लगातार कम हो रही है। इसलिए जनपद में यह दोनों नदियां तेजी से सिमट रही हैं।