शाहजहांपुर। उच्च प्राथमिक विद्यालय बेहटी के सहायक अध्यापक डॉ. राज बहादुर गुरुओं के गुरु बने हुए हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाने के साथ ही वह अपने यू-ट्यूब चैनल के जरिये शिक्षकों को नई विधा से पढ़ाने और उनकी कामकाज संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। दो साल पहले बनाए यू-ट्यूब चैनल के साढ़े सात हजार सब्सक्राइबर हो चुके हैं।
शहर के मोहल्ला मोहम्मदजई निवासी डॉ. राज बहादुर ने 2009 में मिर्जापुर के प्राथमिक विद्यालय पहरुआ में तैनाती पाई थी। 2017 में उच्च प्राथमिक विद्यालय बेहटी-भावलखेड़ा में सहायक अध्यापक के तौर पर आए। कोरोना काल में राज बहादुर ने कोरोना के प्रति जागरूक करने वाला गीत बनाकर उसका वीडियो यू-ट्यूब पर अपलोड किया। उस समय बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित थी। उन्होंने बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए कृषिका ऑनलाइन क्लास नाम से यू-ट्यूब चैनल बनाया। बच्चों को पढ़ाने के लिए 15 वीडियो बनाकर डाले। इस बीच उनका ध्यान विभागीय शिक्षकों की समस्याओं पर गया। शिक्षकों को नई तकनीक से पढ़ाने, विभागीय कार्य कराने संबंधी कई दिक्कतों पर फोकस किया। उन्होंने शुरुआत में कुछ वीडियो डाले तो साथी शिक्षकों ने उनसे और जानकारी देने की अपेक्षा जताई। तब उन्होंने इसी यू-ट्यूब चैनल पर करीब 315 वीडियो बनाकर डाले। दो साल में उनके साढ़े सात हजार से अधिक सब्सक्राइबर बन चुके हैं। संवाद
शिक्षकों की मदद के उद्देश्य से बनाया था चैनल
डॉ. राजबहादुर ने बताया कि बेसिक शिक्षक शिक्षण कार्य कराने के बजाय अन्य कामों में उलझे रहते हैं। मानव संपदा, दीक्षा पोर्टल, डीबीटी समेत कई ऑनलाइन कार्य शिक्षकों पर डाल दिए गए हैं। इस बारे में अधिकतर शिक्षकों को जानकारी तक नहीं होती है। ऐसे में कार्य पूर्ण न होने पर उनका वेतन रोकने व निलंबन जैसी कार्रवाई होती है। शिक्षकों की इसी दिक्कत को ध्यान में रखते हुए समाधान के उद्देश्य से यू-ट्यूब चैनल बनाकर वीडियो के जरिये उनकी मदद का प्रयास किया गया। शिक्षकों को आत्मनिर्भर बनाने संबंधी उनके वीडियो काफी पसंद किए गए। वीडियो अधिक देखे जाने के चलते इस साल उनके चैनल को विज्ञापन मिलना भी शुरू हो गया है। फरवरी में 72 सौ रुपये भी उनके खाते में आ गए हैं।